कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बिहार के पटना दौरे पर हैं. यहां उनके कार्यक्रम के दौरान बिहार कांग्रेस के भीतर की नाराजगी सामने आई. खड़गे जिस बापू सभागार में डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम में शामिल हो रहे थे, उसके बाहर पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. वे बिहार कांग्रेस के अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरु को हटाने की मांग कर रहे थे.
प्रदर्शनकारी बैनर लेकर पहुंचे थे. इस पर लिखा था, 'बीजेपी का एजेंट बिहार कांग्रेस का अध्यक्ष राजेश राम और प्रभारी कृष्णा अल्लावरु हटाओ, कांग्रेस बचाओ'. कांग्रेस के भीतर मतभेद का यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब इससे पहले 11 अक्टूबर को लखनऊ में भी पार्टी के नेताओं के समर्थक आपस में भिड़ गए थे.
यह कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के मौके पर आयोजित किया गया था. खड़गे ने इस दौरान डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को श्रद्धांजलि दी. उन्होंने बिहार के विकास में उनके योगदान को याद किया. अपने संबोधन में खड़गे ने नीतीश कुमार पर भी निशाना साधा.
खड़गे ने श्रीकृष्ण सिंह के योगदान को किया याद
खड़गे ने डॉ. श्रीकृष्ण सिंह को आधुनिक बिहार का निर्माता बताया. उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण सिंह ने राज्य में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए काम किया. कमजोर वर्गों को आगे बढ़ाने के साथ जमींदारी प्रथा खत्म करने में भी उनका अहम योगदान रहा. इस दौरान खड़गे ने कृषि, उद्योग, शिक्षा और सिंचाई के विकास के लिए संस्थाएं बनाने में श्रीकृष्ण सिंह की भूमिका का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद बिहार में विकास के जो काम हुए, उनमें श्रीकृष्ण सिंह का महत्वपूर्ण योगदान था.
नीतीश कुमार पर भी साधा निशाना
खड़गे ने नीतीश कुमार की राजनीति पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार समाजवादी आंदोलन की सोच से निकले नेता रहे हैं. इसके बावजूद पता नहीं ऐसी क्या मजबूरी रही कि वह बीजेपी और आरएसएस की झोली में जा गिरे. इस दौरान, खड़गे ने कांग्रेस के बलिदानों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इंदिरा गांधी से लेकर राजीव गांधी तक ने देश के लिए कुर्बानी दी. राहुल गांधी भी आज देश के लिए लड़ रहे हैं. इसके अलावा, उन्होंने बिहार समेत पिछले दो साल में जहां-जहां बीजेपी की सरकारें बनी हैं, उन्हें बर्खास्त करने की मांग की. खड़गे ने इन सरकारों को 'चोरी से बनी सरकारें' बताया
लखनऊ में भी भिड़े थे कांग्रेस समर्थक
इससे पहले 11 अक्टूबर को लखनऊ स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी के दो गुटों के समर्थकों के बीच विवाद हुआ था. यह विवाद पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और महिला मोर्चा की नेता ममता चौधरी के समर्थकों के बीच हुआ. इस दौरान मारपीट की नौबत आ गई थी और जूते चलने की बात सामने आई थी.
हंगामे के समय कांग्रेस नेता अजय राय, इमरान मसूद और राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी भी वहां मौजूद थे. अब पटना में प्रदेश नेतृत्व के खिलाफ प्रदर्शन से कांग्रेस के भीतर मतभेद का मामला फिर चर्चा में है.
शशि भूषण कुमार