बिहार में मानसून के बीच मौसम का मिजाज एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है. भारत मौसम विज्ञान विभाग के मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने 30 जुलाई से 5 अगस्त तक के लिए बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है. इसके मुताबिक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अगले सात दिनों के दौरान बारिश होती रहेगी, जबकि कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
मौसम विभाग के अनुसार, मध्य छत्तीसगढ़ के पश्चिमी हिस्सों और उससे सटे पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर बना डीप डिप्रेशन पश्चिम की ओर बढ़ रहा है. अगले 12 घंटों में इसके कमजोर होकर 'डीप डडप्रेशन' में बदलने की संभावना है. इसके बाद अगले 24 घंटों में इसके विदर्भ और उससे सटे दक्षिण मध्य प्रदेश से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने का अनुमान है.
यह भी पढ़ें: बिहार में राजस्व विभाग का बड़ा एक्शन, 12 अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई शुरू, दो महीने में 82 पर गिरी गाज
इसके प्रभाव से बिहार में मानसून गतिविधियां बनी रहने की संभावना है. मौसम विभाग ने अगले 2-3 दिनों में राज्य के अधिकतर हिस्सों में अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव नहीं होने का अनुमान जताया है. वहीं अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में भी खास बदलाव की संभावना नहीं है.
अररिया-सुपौल में भारी बारिश का अलर्ट
30 जुलाई को उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के हिस्सों में गरज-चमक और वज्रपात के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है. इस दिन अररिया और सुपौल में भारी बारिश का भी पूर्वानुमान है.
31 जुलाई को मौसम और सक्रिय हो सकता है. उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के हिस्सों में तेज हवाओं के साथ आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है. अररिया, बांका, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, भभुआ और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश हो सकती है.
1 अगस्त को भी कई इलाकों में गरज-चमक और 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है. इस दिन अररिया, गोपालगंज, कटिहार, सीवान, भोजपुर, बक्सर और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश की संभावना है.
2 अगस्त को इन जिलों में भारी बारिश
2 अगस्त को उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बिहार के हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने अररिया, दरभंगा, गया, मधुबनी, नवादा, गोपालगंज, पश्चिमी चंपारण और सुपौल में भारी बारिश का अनुमान जताया है.
3 अगस्त को उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम बिहार के हिस्सों में तेज हवा और वज्रपात की संभावना रहेगी. बेगूसराय, जहानाबाद, लखीसराय, नालंदा, पटना और शेखपुरा में भी गरज-चमक के साथ 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है.
इस दिन पूर्वी चंपारण, गया, नवादा, समस्तीपुर, सीतामढ़ी, वैशाली और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश की संभावना है. यानी उत्तर बिहार से लेकर दक्षिण-मध्य बिहार तक मौसम का असर देखने को मिल सकता है.
4 और 5 अगस्त को भी बारिश-आंधी का दौर
4 अगस्त को उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-मध्य और दक्षिण-पूर्व बिहार के हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है. बेगूसराय, कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा और सुपौल में भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी किया गया है.
5 अगस्त को उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. इस दिन भोजपुर, बक्सर, सारण और सीवान में भारी बारिश की संभावना जताई गई है.
वहीं, बारिश के स्थानिक वितरण की बात करें तो उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार में आने वाले दिनों में कई जगह बारिश की संभावना बनी हुई है. उत्तर-मध्य बिहार में भी अलग-अलग दिनों में कुछ से लेकर अनेक स्थानों पर बारिश हो सकती है. दक्षिण-पूर्व बिहार में भी 1 और 2 अगस्त को कई स्थानों पर बारिश की संभावना है.
पटना समेत कई इलाकों में तापमान में खास बदलाव नहीं
मौसम विभाग के तापमान पूर्वानुमान के मुताबिक पटना, गया, नालंदा, नवादा, बेगूसराय, लखीसराय और जहानाबाद जैसे दक्षिण-मध्य बिहार के जिलों में अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान लगभग 30-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. न्यूनतम तापमान 26-28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है.
उत्तर बिहार के कई जिलों में भी अधिकतम तापमान 30-34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. 3 अगस्त के बाद कई इलाकों में न्यूनतम तापमान 24-26 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है. दक्षिण-पश्चिम बिहार में अधिकतम तापमान कुछ इलाकों में 32-36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
बिजली और आंधी के दौरान सावधानी की अपील
मौसम विभाग ने गरज-चमक, वज्रपात और बारिश के दौरान लोगों से सतर्क रहने की अपील की है. खुले में होने पर जल्द से जल्द किसी पक्के मकान की शरण लेने की सलाह दी गई है. लोगों को ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और विद्युत संचालित वस्तुओं से दूर रहने को कहा गया है.
भारी बारिश के दौरान नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और शहरों के निचले इलाकों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है. अचानक बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से भी दूर रहने की सलाह दी गई है.
रोहित कुमार सिंह