बिहार के वैशाली में भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बन रही फोरलेन सड़क पर एक बड़ा हादसा हो गया. लालगंज के जलालपुर गांव में सती स्थान के पास निर्माणाधीन पुल का भारी-भरकम लॉन्चर अचानक नीचे गिर गया. इस हादसे की चपेट में आने से 7 मजदूर घायल हो गए हैं.
पटना से बेतिया को जोड़ने वाली NH-139W फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य चल रहा था. इसी दौरान पुल पर लॉन्चर शिफ्ट करने का काम किया जा रहा था. घायल मजदूरों के मुताबिक, लॉन्चर का फ्रंट सपोर्ट अचानक फेल हो गया, जिसके चलते ये बड़ा हादसा हुआ.
लॉन्चर के नीचे दबे एक मजदूर को करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद निकाला जा सका. गंभीर रूप से घायल तीन मजदूरों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है, जबकि बाकी मजदूरों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है.
हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. ग्रामीणों ने निर्माण कंपनी पर गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया. लोगों का कहना है कि घटना के तुरंत बाद कंपनी के अधिकारी और इंजीनियर मौके से भाग निकले. इसके बाद छोटे कर्मचारियों और स्थानीय निवासियों ने मिलकर घायलों को बाहर निकाला.
सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल
हजारों करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस बड़े प्रोजेक्ट की साइट पर एम्बुलेंस या आपातकालीन सुरक्षा का कोई इंतजाम मौजूद नहीं था. घायलों को आनन-फानन में लालगंज रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया. आपातकालीन व्यवस्था न होने और सुरक्षा मानकों में बड़ी ढिलाई को लेकर स्थानीय लोगों में भारी गुस्सा है. बता दें कि ये निर्माण कार्य एकलव्य कंस्ट्रक्शन कंपनी कर रही है.
NHAI ने जारी की सफाई
इस हादसे पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने अपनी सफाई जारी की है. NHAI ने बताया कि ये घटना NH-139 डब्लू पर एक पुल के निर्माण स्थल पर लॉन्चर शिफ्टिंग के दौरान हुई. प्राधिकरण ने बताया कि इस हादसे में मुख्य पुल के ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है.
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NHAI के मुताबिक, मौके पर मौजूद चार मजदूर घायल हुए, जिन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया. प्रोजेक्ट टीम उनके स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए हुए है. NHAI ने कहा कि वो निर्माण की गुणवत्ता, मजदूरों की सुरक्षा और काम को तय समय पर पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
प्राधिकरण ने यहेभी कहा कि भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए सुरक्षा मानकों का रिव्यू किया जा रहा है.
रोहित कुमार सिंह