सत्य निकेतन हादसे के बाद जागा MCD, 34 डिमोलिशन, 17 इमारतें सील….. अब आगे क्या?

सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने दिल्ली में अवैध और खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई तेज कर दी है.दो दिन में 34 संपत्तियों पर बुलडोजर चला, जबकि 17 को सील कर दिया गया. इसके साथ ही अब करीब 1,243 PG इमारतों की जांच शुरू हो चुकी है. कहां-कहां हुई कार्रवाई और किन इमारतों पर मंडरा रहा है खतरा, जानिए MCD के पूरे एक्शन का हिसाब.

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सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में MCD का एक्शन तेज हो गया है (Photo-ITG) सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में MCD का एक्शन तेज हो गया है (Photo-ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 10 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:54 AM IST

सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली में MCD का बुलडोजर एक्शन तेज हो गया है. दक्षिण दिल्ली में PG के तौर पर चल रही इमारत गिरने से 7 लोगों की मौत के बाद अब राजधानी के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण और खतरनाक इमारतों पर कार्रवाई की जा रही है. पिछले दो दिनों में 12 जोन में MCD ने 34 संपत्तियों पर डिमोलिशन की कार्रवाई की और 17 संपत्तियों को सील किया है. अब तक क्या-क्या हुआ, समझिए 5 पॉइंटर्स में. 

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1. मंगलवार को 17 संपत्तियों पर चला बुलडोजर

कार्रवाई की शुरुआत में मंगलवार को MCD ने अलग-अलग इलाकों में 17 संपत्तियों को गिराया.इसके साथ ही नियमों के उल्लंघन से जुड़ी 5 संपत्तियों को सील किया गया. यह कार्रवाई बिल्डिंग नियमों के उल्लंघन समेत कई तरह की गड़बड़ियों को लेकर की गई.

2. बुधवार को नोटिस, फिर डिमोलिशन

बुधवार को कार्रवाई और आगे बढ़ी. इस दौरान MCD ने 22 कारण बताओ नोटिस जारी किए और 4 डिमोलिशन ऑर्डर पास किए. यानी जिन संपत्तियों में नियमों का उल्लंघन मिला, उनके खिलाफ मौके की कार्रवाई के साथ ही आगे की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू हो गई.

3. जामा मस्जिद से द्वारका तक कार्रवाई

जामा मस्जिद के पास एक इमारत के ग्राउंड फ्लोर की दो छत की प्लेट और एक पार्टिशन वॉल तोड़ी गई. बाजार सीताराम के सदक प्रेम नारायण में अवैध निर्माण पर कार्रवाई हुई. विकास नगर और द्वारका के सेक्टर 17 में जिन इमारतों को खतरनाक घोषित किया गया था, उन्हें भी डिमोलिश किया गया.

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इसके साथ ही राणा प्रताप बाग में तीसरी मंजिल की चार RCC छत की प्लेट और पहली मंजिल की एक प्लेट हटाई गई. वहीं मॉडल टाउन के सरदार नगर में तीन छत की प्लेट तोड़ी गईं और उनका लोहे का ढांचा काटा गया.

यह भी पढ़ें: दुकान बड़ी करने के चक्कर में गिरी पूरी इमारत... सत्य निकेतन हादसे में पुलिस का बड़ा खुलासा

4. अब 1,243 PG इमारतों की होगी जांच

MCD ने करीब 1,243 ऐसी इमारतों की पहचान की है, जिनमें PG चलाए जा रहे हैं. इन इमारतों में करीब 24 हजार लोग रह रहे हैं. फिलहाल इनका मकसद है डेटाबेस तैयार करना और यह पता लगाना है कि रहने के लिहाज से इमारतें कितनी सुरक्षित हैं.खास तौर पर पांच मंजिल से ज्यादा ऊंची RCC वाली इमारतों और चार मंजिल से ज्यादा ऊंची ऐसी इमारतों की जांच हो रही है, जिनका भार ईंट की दीवारों पर है.

5. 10 सितंबर तक पूरा होगा सर्वे

जांच के बाद PG इमारतों को चार श्रेणियों में रखा जाएगा.पहली सुरक्षित, दूसरी मामूली मरम्मत की जरूरत वाली, तीसरी बड़ी मरम्मत की जरूरत वाली और चौथी खतरनाक इमारत.

MCD ने अधिकारियों को 10 सितंबर तक सर्वे पूरा करने का निर्देश दिया है. यानी अब अवैध निर्माण पर कार्रवाई के साथ ही उन इमारतों की सुरक्षा की भी जांच हो रही है, जहां हजारों लोग अभी रह रहे हैं. सत्य निकेतन में 7 लोगों की जान जाने के बाद शुरू हुई यह कार्रवाई अब दिल्ली के अलग-अलग इलाकों तक पहुंच चुकी है.

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34 डिमोलिशन, 17 इमारतों की सीलिंग और 1,243 PG की जांच का आंकड़ा यही बता रहा है कि सत्य निकेतन हादसे के बाद अब दिल्ली MCD ने कमर कस ली है, ताकी भविष्य में ऐसे हादसों पर रोक लगाई जा सके.

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