बिहार में सड़क कनेक्टविटी को रफ्तार देने के लिए केंद्र सरकार ने पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इन परियोजनाओं के तहत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सड़कों की फोरलेनिंग और चौड़ीकरण का काम किया जाएगा. इससे न सिर्फ आवागमन आसान होगा, बल्कि अयोध्या और जनकपुर की कनेक्टविटी भी बेहतर होगी.
इन परियोजनाओं में मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़, अरवल से बिहारशरीफ, नौबतपुर से हरिहरगंज, बरियापुर से बिशुनपुर-जमुई और छपवा से बेतिया तक सड़क निर्माण शामिल है. कुल मिलाकर, इन परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
सरकार ने बिहार में पांच सड़क परियोजनाओं की मंजूरी दी है. मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क परियोजना पर लगभग 8,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. वहीं, करीब 146 किलोमीटर लंबी इस सड़क से अयोध्या और जनकपुर के बीच कनेक्टविटी के बेहतर होने की उम्मीद है. अरवल से बिहारशरीफ तक 89 किलोमीटर सड़क को फोरलेन बनाने के लिए 3,300 करोड़ रुपये मंजूद किए गए हैं.
इसके अलावा नौबतपुर से हरिहरगंज तक 88 किलोमीटर की सड़क परियोजना को भी मंजूरी दी गई है. इस पर ढाई हजार करोड़ खर्च होंगे. वहीं, बरियापुर से बिशुनपुर-जमुई तक सड़क चौड़ीकरण को भी मंजूरी दी गई है.
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छपवा से बेतिया के बीच 40 किलोमीटर सड़क की फोरलेनिंग पर 1,700 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. ये सभी परियोजनाएं वित्त वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में शामिल की गई हैं. इनके पूरा होने से बिहार में सड़क नेटवर्क मजबूत होने के साथ ही क्षेत्रीय कनेक्टविटी और यातायात व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
शशि भूषण कुमार