बिहार में आगामी विधान परिषद (एमएलसी) चुनावों की सरगर्मी के बीच जेडीयू के भीतर से बड़े बागी तेवर देखने को मिल रहे हैं. मोकामा से बाहुबली पूर्व विधायक अनंत सिंह (छोटे सरकार) ने अपनी ही पार्टी के मुख्य प्रवक्ता और मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है.
अनंत सिंह ने ऐलान किया है कि वह आगामी एमएलसी चुनाव में नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे, बल्कि उनके खिलाफ मैदान में उतर रहे डॉ. अनुज सिंह का पूरा साथ देंगे और उन्हें चुनाव जिताने का काम करेंगे.
बाढ़ इलाके में अनंत सिंह ने अपने अंदाज में कहा, 'जो मेरे साथ रहेगा, हम उसका साथ देंगे.' उन्होंने अनुज सिंह को हर स्तर पर समर्थन देने की बात कही, साथ ही दावा किया कि 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके समर्थक अनुज सिंह के साथ रहेंगे.
नीतीश के करीबी नीरज कुमार के खिलाफ अनंत सिंह
मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार को लेकर भी अनंत सिंह ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया. नीरज कुमार जेडीयू प्रमुख नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाते हैं. इसके अलावा वह कुर्मी समुदाय से आते हैं. इसके बावजूद अनंत सिंह ने साफ तौर पर नीरज कुमार के खिलाफ चुनाव लड़ रहे अनुज सिंह का समर्थन करने का ऐलान कर दिया है.
अनंत सिंह ने कहा, 'जो हमारा साथ नहीं देते हैं, हम उनका साथ क्यों देंगे?' अनंत सिंह ने बड़ा दांव खेलते हुए दावा किया कि पटना स्नातक सीट के अंतर्गत आने वाले सभी 26 विधानसभा क्षेत्रों में उनके समर्थक और कार्यकर्ता पूरी ताकत से डॉ. अनुज सिंह के पक्ष में वोट मांगेंगे और उन्हें चुनाव जिताएंगे. अनंत सिंह के इस बयान को नीरज कुमार के खिलाफ सीधे राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है.
अनंत सिंह के तेवर से बिगड़ न जाए जेडीयू का खेल
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जेडीयू नेता नीरज कुमार लगातार तीन बार एमएलसी चुने जा चुके हैं और इस बार 'जीत का चौका' लगाने की तैयारी में हैं. हालांकि, जेडीयू के भीतर से ही अनंत सिंह के इस बागी रुख ने पार्टी के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं. नीरज कुमार के लिए इस बार पटना सीट से एमएलसी का चुनाव जीतना आसान नहीं दिख रहा है.
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद लंबे समय से चर्चा में रहे हैं, लेकिन विधान परिषद चुनाव से ठीक पहले इस तरह का खुला ऐलान पार्टी के भीतर बड़ी खींचतान की ओर इशारा कर रहा है. मोकामा, बाढ़ और आसपास के इलाकों में अनंत सिंह की मजबूत राजनीतिक पकड़ मानी जाती है. उनके इस कदम से जेडीयू के वोट बैंक में सेंध लगने का खतरा है.
अनंत सिंह के समर्थन डॉ. अनुज सिंह के हौसले बुलंद
26 विधानसभा क्षेत्रों में समर्थकों के अनुज सिंह के साथ रहने का अनंत सिंह का दावा अगर जमीन पर उतरता है, तो इसका सीधा असर चुनावी मुकाबले पर पड़ सकता है. हालांकि, इस दावे की वास्तविक चुनावी ताकत का आकलन मतदान के दौरान ही होगा.
अनंत सिंह के खुले समर्थन के बाद डॉ. अनुज सिंह के हौसले भी बुलंद हो गए हैं. उन्होंने कहा कि जब उन्हें 'छोटे सरकार' का साथ मिल गया है, तो जीत तय है. हालांकि, यह देखना बाकी है कि डॉ. अनुज सिंह किस चुनाव चिन्ह पर या निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरते हैं. चुनाव की औपचारिक अधिसूचना जारी होने से पहले ही जेडीयू से जुड़े दो कद्दावर चेहरों का आमने-सामने आना यह साफ करता है कि इस बार पटना स्नातक सीट का मुकाबला बेहद दिलचस्प होने वाला है.
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