बिहार में आपराधिक वारदातें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. ताजा मामला राज्य के रोहतास जिले से आया है जहां डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी (EO) विमल कुमार की अपराधियों ने बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी. यह सनसनीखेज वारदात शनिवार देर रात उस समय हुई जब वह डेहरी से पटना स्थित अपने घर लौट रहे थे.
पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मृतक के ड्राइवर मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है, जिसकी भूमिका घटना में संदिग्ध मानी जा रही है और उससे लगातार पूछताछ की जा रही है. वहीं, इस घटना के विरोध में बिहार नगर सेवा संघ ने राज्यभर के नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के 2 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का ऐलान किया है.
शनिवार देर रात विमल कुमार डेहरी से पटना लौट रहे थे. इसी दौरान औरंगाबाद जिले के बारुण थाना क्षेत्र के धनौती पुल के पास बदमाशों ने उनकी कार को ओवरटेक कर रोक लिया. इसके बाद उन्हें कार से बाहर निकालकर बेरहमी से पीटा गया. उनके शरीर पर गंभीर चोटों और धारदार हथियार के निशान मिले हैं. गंभीर हालत में उन्हें जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया.
ड्राइवर की भूमिका संदिग्ध
शुरुआती जानकारी में गोली मारने की आशंका जताई गई थी लेकिन सिविल सर्जन डॉ. मणिराज रंजन ने कहा है कि मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा. रोहतास के जिलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा ने बताया कि कार्यपालक पदाधिकारी के घायल होने की सूचना मिलने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. उन्होंने कहा कि शव का इनक्वेस्ट और पोस्टमार्टम कराया गया है. मामले की जांच औरंगाबाद तथा रोहतास पुलिस संयुक्त रूप से कर रही है और सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है.
जांच के दौरान पुलिस को ड्राइवर मिथिलेश कुमार की भूमिका संदिग्ध लगी.पुलिस सूत्रों के मुताबिक,जिस हमले में विमल कुमार की मौत हुई उसमें ड्राइवर को कोई चोट नहीं आई जबकि वह घटनास्थल पर मौजूद था. इसी आधार पर औरंगाबाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. हालांकि, पुलिस ने अभी तक उसकी संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक साक्ष्यों और अन्य तकनीकी जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
कर्माचारियों ने किया अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान
इस घटना के बाद बिहार नगर सेवा संघ ने राज्यभर के नगर कार्यपालक पदाधिकारियों के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है. संघ के महासचिव अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि विमल कुमार की हत्या ने नगर निकाय अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. उन्होंने कहा कि जब तक हत्यारों की गिरफ्तारी, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और सभी नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को बॉडीगार्ड एवं आवासीय सुरक्षा देने का सरकार लिखित आश्वासन नहीं देती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.
विमल कुमार गया जिले के शेरघाटी के रहने वाले थे. उनका परिवार पटना में रहता है. परिवार में पत्नी, एक बेटी और एक छोटा बेटा है. EO विमल कुमार हत्याकांड की जांच फिलहाल औरंगाबाद एवं रोहतास पुलिस की संयुक्त टीम कर रही है. पुलिस का कहना है कि हत्या के पीछे की साजिश, हमलावरों की पहचान और ड्राइवर की भूमिका समेत सभी बिंदुओं की जांच जारी है.
रोहित कुमार सिंह