दिल्ली से निकलकर सुबह का नाश्ता हरिद्वार में, 1.5 घंटे में पहुंचेंगे गंगा के तीरे! बन रहा नया एक्सप्रेसवे

Delhi to Haridwar Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय पहले के मुकाबले काफी कम हुआ है. अब केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि, अगले दो महीने में दिल्ली को हरिद्वार से जोड़ने वाला नया एक्सप्रेसवे तैयार हो जाएगा. जिससे दिल्ली से हरिद्वार महज 1.5 घंटे में पहुंचा जा सकेगा.

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नितिन गडकरी का कहना है कि, ये नया एक्सप्रसे-वे अगले दो महीनों में तैयार हो सकता है. Photo: ITG नितिन गडकरी का कहना है कि, ये नया एक्सप्रसे-वे अगले दो महीनों में तैयार हो सकता है. Photo: ITG

आजतक ऑटोमोबाइल डेस्क

  • नई दिल्ली,
  • 28 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 10:59 AM IST

Delhi to Haridwar By Road: दिल्ली से हरिद्वार जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आने वाले समय में आपका सफर काफी आसान हो सकता है. जिस यात्रा को पूरा करने में अभी तीन से चार घंटे लगते हैं, वह जल्द ही महज डेढ़ घंटे में पूरी हो सकेगी. केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली और हरिद्वार के बीच यात्रा का समय घटाने को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगले दो महीने में दिल्ली को हरिद्वार से जोड़ने वाला नया एक्सप्रेसवे तैयार हो जाएगा. इस नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दिल्ली से हरिद्वार पहुंचने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा.  

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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय पहले के मुकाबले काफी कम हुआ है. पहले दिल्ली से देहरादून पहुंचने में करीब पांच से 6 घंटे लगते थे, जबकि नए एक्सप्रेसवे के जरिए यह सफर लगभग 2 घंटे में पूरा हो रहा है. ऐसे में दिल्ली से हरिद्वार जाने वाले लोगों को भी इस रूट पर बेहतर कनेक्टिविटी की उम्मीद थी. अब नितिन गडकरी के बयान से इस रूट पर यात्रा करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी.

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अगर दिल्ली और हरिद्वार के बीच यात्रा का समय डेढ़ घंटे तक सिमटता है, तो इसका फायदा खासतौर पर वीकेंड पर घूमने जाने वाले लोगों, श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेगा. दिल्ली-एनसीआर से लोग सुबह जल्दी निकलकर हरिद्वार में गंगा स्नान कर सकेंगे और उसी दिन वापस लौटने की योजना भी आसानी से बना सकेंगे. इससे हरिद्वार और आसपास के पर्यटन स्थलों पर आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना है.

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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सीआईआई के नेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन 'ऑफ इंडिया फ्यूचर' को संबोधित करते हुए कहा कि, किसी भी देश की आर्थिक तरक्की में मजबूत इन्फ्रास्ट्रक्चर की अहम भूमिका होती है. बेहतर सड़कें और एक्सप्रेसवे कृषि, उद्योग, व्यापार और कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद करते हैं. इससे माल की ढुलाई आसान होती है और सामान को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाने में लगने वाला समय भी कम होता है.

घट गया भारत का लॉजिस्टिक कॉस्ट

गडकरी ने कहा कि, दो महीने में दिल्ली को हरिद्वार से जोड़ने हा नवा एक्सप्रेस वे तैयार हो जाएगा जिस के बाद यात्रा के समय घटकर सिर्फ़ डेढ़ घंटा रह जाएगा. उन्होंनें कहा कि, भारत के लॉजिस्टिक कॉस्ट पहले के 16% के मुक़ाबले घटकर अब 9% से भी नीचे आ गया है. गडकरी ने कहा कि आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) हमारे देश के भविष्य के विकास का प्रमुख आधार और सबसे महत्वपूर्ण कारक है. इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास करके हम कृषि, उत्पादकता, उद्योग, व्यापार और व्यवसाय को आगे बढ़ा सकते हैं.

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गडकरी ने कहा कि लगभग दो साल पहले लॉजिस्टिक्स कॉस्ट को लेकर चर्चा होती थी. चीन में लॉजिस्टिक्स कॉस्ट उसकी कुल जीडीपी का लगभग 8% है, जबकि भारत में यह 16% था. यही एक प्रमुख कारण था, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और कारोबार में भारतीय अर्थव्यवस्था को बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता था. लेकिन आज मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि चीन की 8% और अमेरिका की 12% लॉजिस्टिक्स कॉस्ट की तुलना में भारत की लॉजिस्टिक्स कॉस्ट पहले के 16% से घटकर अब एकल अंक यानी 9% पर आ गई है.

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पहले दिल्ली से मेरठ पहुँचने में साढ़े तीन घंटे लगते थे, लेकिन अब यह यात्रा केवल 45 से 50 मिनट में पूरी हो जाती है. पहले दिल्ली से जयपुर पहुँचने में 5 घंटे लगते थे, जबकि अब केवल 2 घंटे लगते हैं. इसी तरह, बेंगलुरु से चेन्नई के बीच सड़क यात्रा, जिसमें पहले चार से पाँच घंटे लगते थे, अब लगभग 2 घंटे में पूरी हो सकेगी. जिसके चलते लाजिस्टिक ख़र्च में कमी आ रही है साथ ही पर्यटन और विकास को बढ़ावा मिल रहा है. 

गडकरी ने कहा कि हम देश में 36 ग्रीन एक्सप्रेसवे डेवलप करने जा रहे हैं, जिनसे देश के विकास और परिवहन व्यवस्था के परिदृश्य में बड़ा बदलाव आएगा. हम दिल्ली के लिए लगभग 1,60,000 करोड़ रुपये की सड़क अवसंरचना परियोजनाओं पर काम कर रहे हैं. पर्यटन क्षेत्र में पूंजीगत व्यय का 49% हिस्सा रोजगार के नए अवसर पैदा करने में सहायक होगा. इसका एक अच्छा उदाहरण चारधाम परियोजना है, जिसकी लागत लगभग 12,000 करोड़ रुपये है. इस परियोजना का 85% कार्य पूरा हो चुका है. अब दिल्ली से बद्रीनाथ और केदारनाथ जाने वाले यात्रियों की संख्या पहले की तुलना में तीन गुना बढ़ गई है.

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