लाल नहीं सफेद...महाराष्ट्र के इस किसान ने उगाई खास स्ट्रॉबेरी, जानें कितनी है कीमत

सातारा के वाई फुलेनगर में प्रयोगशील किसान उमेश खामकर ने आधे एकड़ में सफेद स्ट्रॉबेरी की खेती की है और इसकी बिक्री भी शुरू हो गई है. अलग प्रयोग करने के उद्देश्य से उन्होंने सफेद स्ट्रॉबेरी की खेती की. हालांकि अभी कुछ जगहों पर ही इसकी बिक्री हो रही है. जल्द ही सफेद स्ट्रॉबेरी की बिक्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी होने लगेगी.

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White Strawberry Farming White Strawberry Farming

इम्तियाज मुजावर

  • नई दिल्ली ,
  • 03 फरवरी 2024,
  • अपडेटेड 8:59 PM IST

महाराष्ट्र के सतारा, महाबलेश्वर, भीलार और वाई इलाके में स्ट्रॉबेरी का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है. वहीं जब स्ट्रॉबेरी की बात होती है तो हमारे दिमाग में उसका लाल रंग ही आता है और ये स्वाद में थोड़ी खट्टी होती है, लेकिन महाराष्ट्र के सतारा के फूलेनगर वाई में रहने वाले एक किसान ने पहली बार सफेद रंग की स्ट्रॉबेरी उगाई है.

सातारा के वाई फुलेनगर में प्रयोगशील किसान उमेश खामकर ने आधे एकड़ में सफेद स्ट्रॉबेरी की खेती की है और इसकी बिक्री भी शुरू हो गई है. अलग प्रयोग करने के उद्देश्य से उन्होंने सफेद स्ट्रॉबेरी की खेती की. हालांकि अभी कुछ जगहों पर ही इसकी बिक्री हो रही है. जल्द ही सफेद स्ट्रॉबेरी की बिक्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी होने लगेगी. इस स्ट्रॉबेरी की खास बात ये है कि इसका दाम 1000 से लेकर 1500 रुपये किलो तक है और इसकी उपज 6 गुना ज्यादा है. 

अमेरिका और ब्रिटेन में हुई थी इसकी खेती
स्ट्रॉबेरी की ये किस्म पहली बार अमेरिका और यूके में लगाई गई थी, इसका नाम फ्लोरिडा पर्ल है. भारत में  इस किस्म की स्ट्रॉबेरी पहली बार लगाई गई है. सफेद स्ट्रॉबेरी को ग्राहकों से भी अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है. इसलिए इसका उत्पादन अलग-अलग इलाकों में भी करने का फैसला किया गया है.

वहीं भारत में सफेद स्ट्रॉबेरी लगाने का पहला प्रयास सतारा के रहने वाले किसान उमेश खामकर ने किया है. इसके लिए उन्होंने फ्लोरिडा विश्वविद्यालय से रॉयल्टी राइट्स खरीदे हैं. अगर भारत में किसी और को सफेद स्ट्रॉबेरी का उत्पादन करना है तो उसे उमेश खामकर से अनुमति लेनी होगी. 

क्या है सफेद स्ट्रॉबेरी की खासियत
लाल स्ट्रॉबेरी के मुकाबले ये स्वाद में थोड़ी मीठी होती है. ये स्ट्रॉबेरी अपने पोषण मूल्य के कारण स्वास्थ्यवर्धक भी होती है. अपनी कम प्राकृतिक अम्लता के कारण यह स्ट्रॉबेरी लोकप्रियता हासिल कर रही है.विदेशों में इसे काफी पसंद किया जाता है. वहीं भारत में भी इसे अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है. 
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रिपोर्ट: इम्तियाज मुजावर

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