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बीज से लेकर मशीन और ड्रोन तक...इस राज्य में किसानों को एक ही जगह पर मिलेगा सबकुछ

उत्तर प्रदेश में अब 66 समृद्धि केंद्र खोले जा रहे हैं. इन समृद्धि केंद्रों के खुलने के बाद किसानों को ज्यादा नहीं भटकना पड़ेगा. खेती-किसानी से जुड़ी वस्तुएं अब उन्हें एक ही जगह मिल जाया करेंगी. फसल बीमा, ड्रोन का कृषि में उपयोग को लेकर भी किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा.

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PM Kisan Samriddhi Kendra (Pic credit: Reuters)
PM Kisan Samriddhi Kendra (Pic credit: Reuters)

PM Kisan Samriddhi Kendra: उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में कृषि का अहम रोल है. किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार निरंतर प्रयास कर रही है. इसी कड़ी में प्रदेश में अब 66 समृद्धि केंद्र खोले जाने का फैसला लिया गया है. इन केंद्रों पर किसानों को बीज, उर्वरक से लेकर खेती की मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएंगी. इससे किसानों की समय के साथ-साथ खेती-किसानी की लागत में भी कमी आएगी.

खेती-किसानी जुड़ी वस्तुएं एक ही जगह मिलेंगी

अभी किसानों को खेती-किसानी से जुड़े सामानों को खरीदने के लिए अलग-अलग जगहों पर जाना पड़ता है. इन समृद्धि केंद्रों के खुलने के बाद किसानों को ज्यादा नहीं भटकना पड़ेगा. खेती-किसानी से जुड़ी वस्तुएं अब उन्हें एक ही जगह मिल जाएंगी.

किसानों को ये होगा फायदा

खाद, उर्वरक, कीटनाशक, कृषि उपकरण और मिट्टी की जांच की सुविधा एक ही जगह मिलेगी. इससे किसानों का खर्च भी बचेगा. इसके अलावा यहां खेती-किसानी को लेकर एक्सपर्ट्स की सलाह भी मिलेगी, जिससे फसल की उपज भी बढ़ जाएगी. इसके यहां अलावा  मौसम पूर्वानुमान, फसल बीमा, ड्रोन का कृषि में उपयोग को लेकर भी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. माना जा रहा है कि ये समृद्धि केंद्र कृषि में आधुनिकीकरण लाने में अहम रोल निभाएंगे.

किसानों को 600 समृद्धि केंद्रों का तोहफा

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बता दें कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को 600 पीएम किसान समृद्धि केंद्रों का तोहफा मिला है. खाद की दुकानों को प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र के तौर पर विकसित जा रहा है. इन केंद्रों पर किसानों को जरूरत की हर जानकारी और मदद मुहैया कराई जाएगी. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तकरीबन 3 लाख खाद की दुकानों को कृषि समृद्धि केंद्र में विकसित करने की योजना पर काम कर रहे हैं.

 

 

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