देश की राजधानी नई दिल्ली में दिवाली के आसपास हर साल प्रदूषण की समस्या सामने आती है. इसका मुख्य कारण है पंजाब और हरियाणा में किसानों द्वारा जलाई जा रही पराली. पंजाब में पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. गुरुवार, 26 अक्टूबर को पंजाब में पराली जलाने के 589 मामले सामने आए. इस सीजन में 1 दिन में सबसे अधिक पराली जलाने के मामले गुरुवार को सामने आए हैं. हालांकि, अगर आंकड़ों की मानें तो पिछले साल के मुकाबले इस साल पंजाब में पराली जलाने के मामलों में कमी देखने को मिली है.
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दशहरे के बाद बढ़ी पराली जलाने के मामले
इस साल पंजाब में पराली जलाने के कुल मामलों की संख्या 3293 पहुंच गई है. दशहरे के बाद से पंजाब में पराली जलाने के मामलों को लेकर 25 और 26 अक्टूबर की सेटेलाइट तस्वीरें भी सामने आई हैं जोकि साबित करती हैं कि दशहरे के बाद से पंजाब में पराली जलाने के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है.

पिछले वर्ष की तुलना में इस साल अब तक खेतों में पराली जलाने की घटनाएं कम हुई हैं, लेकिन अभी भी काफी मामले सामने आ रहे हैं. NASA की रिपोर्ट की मानें तो पंजाब में जल रही पराली का धुआं दक्षिण की ओर उत्तर प्रदेश राज्य की ओर बढ़ रहा है. दरअसल, सितंबर के महीने में हुई भारी बारिश के चलते फसल देर से हुई जिस वजह से अभी पराली जलाने के मामले कम आ रहे हैं, लेकिन अगले कुछ पराली जलाने के मामलों में जबरदस्त बढ़त देखने को मिल सकती है. नीचे मैप में देखें पंजाब में कहां-कहां जल रही पराली.

हरियाणा में पंजाब से कम पराली जलाने के मामले
नासा द्वारा जारी किए गए फोटो के मुताबिक, पंजाब में हरियाणा से दोगुने से भी ज़्यादा पराली जलाने के मामले सामने आए हैं. हरियाणा में एक्टिव फायर की बात करें तो पंजाब से आधे से भी कम हरियाणा में क्टिव फ़ायर के मामले देखने को मिले हैं.

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पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने पर क्या कहते हैं आंकड़े
पंजाब में इस साल (15 सितंबर से 24 अक्टूबर के बीच) पराली जलाने के 2,306 मामले दर्ज हुए हैं जबकि पिछले साल इसी समय 5617 मामले दर्ज किए गए थे. वहीं, 2020 और 21 में क्रमशः 14,805 और 6058 मामले दर्ज हुए थे. हरियाणा की बात करें तो 15 सितंबर से 24 अक्टूबर के बीच पराली जलाने के कुल 813 मामले दर्ज हुए जबकि पिछले साल इस दौरान 1360 मामले सामने आए थे. वहीं, 2020 और 2021 में क्रमशः 1617 और 1764 मामले दर्ज किए गए थे.