मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब सात समंदर पार ब्रिटेन के आम परिवारों की जेब पर पड़ता दिख रहा है. बैंक ऑफ इंग्लैंड की हालिया रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध के 'झटके' के कारण साल 2028 के अंत तक करीब 13 लाख अतिरिक्त घर मालिकों को अपने होम लोन की महंगी किस्तों का बोझ उठाना पड़ सकता है.
आजकल के आधुनिक घरों में बड़े मिरर और कॉम्पैक्ट डिजाइन का चलन है, लेकिन क्या ये डिजाइन हमारे जीवन में नकारात्मकता तो नहीं घोल रहे. घर की बनावट से जुड़ी उन कुछ गलतियां आपकी सुख-शांति में बाधा डाल सकती हैं.
आज के इस दौर में हम बड़ी-बड़ी इमारतों और छोटे-छोटे फ्लैट्स में सिमट कर रह गए हैं. ऐसे में 'वास्तु' शब्द को लेकर अक्सर दो तरह की बातें होती हैं. कुछ लोग इसे सिर्फ अंधविश्वास या दिशाओं का भ्रम मानते हैं, तो कुछ इसे जीवन के लिए बहुत जरूरी समझते हैं.
मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारतीय रियल एस्टेट बाजार भी खतरे में हैं. खासतौर पर विदेशी निवेशकों ने फिलहाल दूरी बना ली है जिसकी वजह से बाजार में काफी हलचल है.
सालों से आईटी सेक्टर की 'भारी-भरकम सैलरी' के दम पर दौड़ने वाला बेंगलुरु का प्रॉपर्टी बाजार अब सुस्ती की चपेट में आ सकता है. मंदी और नौकरी जाने के डर से शहर के मुख्य खरीदार टेक प्रोफेशनल्स अब बड़े निवेश वाले घर खरीदने के फैसले को टाल रहे हैं.
रिज़वान साजन के साम्राज्य की शुरुआत घाटकोपर की एक तंग गली से हुई थी, जहां अपने पिता के निधन के दुख से जूझ रहे एक किशोर लड़के ने अपने परिवार को सहारा देने के लिए अपनी ₹6,000 की बचत को एक छोटे से फाइल बनाने के व्यवसाय में बदल दिया.
अगर आपका मासिक किराया ₹50,000 से अधिक है, तो केवल समय पर मकान मालिक को भुगतान कर देना ही काफी नहीं है. आयकर का एक महत्वपूर्ण TDS नियम आप पर लागू होता है, और इसे नजरअंदाज करने पर आपको अतिरिक्त जुर्माना या भारी खर्च उठाना पड़ सकता है.
वैश्विक मंदी का डर भारतीय रियल एस्टेट की चमक फीकी कर रहा है. बेंगलुरु के एक टेक प्रोफेशनल की हालिया रेडिट पोस्ट तो यही इशारा कर रही है. छंटनी के दौर में जहां लोग होम लोन की किश्तें चुकाने की चिंता में डूबे हैं, वहीं इस इंजीनियर ने 'शुक्र है घर नहीं खरीदा' लिखकर सबको चौंका दिया है.
मिडिल ईस्ट की लड़ाई का असर दुनिया भर के रियल एस्टेट मार्केट पर पड़ा है. खुद अमेरिका भी इससे अछूता नहीं रहा है. तो वहीं सपनों का शहर दुबई भी खरीदारों की राह देख रहा है.
MHADA ने साल 2026 की लॉटरी की घोषणा कर दी है. 2,640 घरों की इस बड़ी स्कीम ने रियल एस्टेट मार्केट में हलचल मचा दी है. अगर आप भी मुंबई के प्राइम लोकेशन्स पर घर की तलाश में हैं, तो यह खबर आपके लिए है.
लोग दुबई की वित्तीय स्थिति बिगड़ने पर चिंता जाहिर कर रहे हैं, क्योंकि इसका सीधा असर दुनिया भर के उन लाखों परिवारों पर पड़ेगा जिनकी आजीविका इस शहर की आर्थिक मजबूती से जुड़ी है.
होम लोन लेते वक्त लोग अक्सर ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो सालों तक उनको कर्ज के दलदल में डाल देता है, लोन लेने से पहले अगर कुछ सावधानियां बरती जाएं तो आपके लाखों रुपये बच सकते हैं.
भारत के रियल एस्टेट क्षेत्र के लिए साल 2026 की शुरुआत कुछ खास नहीं रही है. हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख शहरों में घरों की मांग में कमी आई है, जिसने पिछले कई वर्षों के विकास के रुझान को पीछे छोड़ दिया है.
अब हर परिवार उस पैसे को अलग-अलग तरीके से खर्च कर रहा है कहीं बहुत सोच-समझकर निवेश किया जा रहा है, तो कहीं इस पैसे की वजह से आपसी खींचतान और तनाव भी साफ दिख रहा है.
देश के प्रमुख नौ शहरों में सालों के बाद घरों की बिक्री में पहली बार बड़ी गिरावट दर्ज की गई है. बाजार में नई सप्लाई की कमी और बढ़ती कीमतों के बीच खरीदारों के उत्साह में कमी आई है, जिससे बिक्री का आंकड़ा एक लाख यूनिट के स्तर से नीचे फिसल गया है
अगर आप कम बजट में आधुनिक सुख-सुविधाओं वाला घर और भविष्य में शानदार रिटर्न की तलाश में हैं, तो यूपी के ये 5 उभरते हुए शहर आपके लिए निवेश के सबसे बेहतरीन साबित हो सकते हैं.
एक दौर था जब लोग छोटे शहरों और गांवों को छोड़कर बड़े शहरों में रोजगार और बेहतर जिंदगी की तलाश में आते थे, लेकिन अब लोगों को अब अपने छोटे शहर अच्छे लगने लगे हैं और लोग वापस घर लौटना चाहते हैं.
जेवर एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे पर प्रॉपर्टी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है. पिछले 5 साल में यहां जमीन और घरों के दाम 3 गुना तक बढ़ चुके हैं, और एयरपोर्ट शुरू होने के बाद इसमें और भी भारी उछाल आने की उम्मीद है.
मिडिल ईस्ट का तनाव अब भारतीय रियल एस्टेट को भी संकट में डाल रहा है. देश के कई शहरों में प्रॉर्पटी के सेल में 7 फीसदी की कमी आई है और अगर जंग जारी रहती है तो हालात और खराब हो सकते हैं.
सालों का लंबा इंतजार अब खत्म होने जा रहा है. 28 मार्च को सुबह 11:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का भव्य लोकार्पण करेंगे. एयरपोर्ट की आहट ने यहां प्रॉपर्टी की मांग को पहले ही आसमान पर पहुंचा दिया था, लेकिन अब उद्घाटन के साथ ही यह सबसे बड़े इन्वेस्टमेंट हब के रूप में उभरने को तैयार है.
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इस अनिश्चितता का सबसे ज्यादा असर दुबई के रियल एस्टेट पर पड़ा है, हालांकि निवेश के कुछ नए मौके बन रहे हैं, लेकिन निवेशक फिलहाल 'देखो और इंतजार करो' की नीति अपना रहे हैं और स्थिति साफ होने का इंतजार कर रहे हैं.