संयुक्त राष्ट्र संघ में ही नहीं ईरान को रूस का साथ हर मोर्चे पर मिल रहा है. यही वजह है कि जब होर्मुज को लेकर ट्रम्प के पास ईरान की पेशकश पहुंचती है. तो उससे पहले ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस में पुतिन से मिल चुके होते हैं. अमेरिका ईरान जंग में रूस की सीधी एंट्री अब इस जंग की डील को और पेचीदा बनाएगी या सुलझाएगी.