अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अभी बीजिंग से बस लौटे ही हैं कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन वहां पहुंच गए. महज एक हफ्ते के भीतर चीन ने दुनिया के उन दो सबसे बड़े महारथियों की मेजबानी की, जो इस वक्त दो अलग-अलग मोर्चों पर युद्ध में उलझे हुए हैं. अमेरिका को जहाँ एक बिजनेस मीटिंग सी तवज्जो दी गई, तो रूसी राष्ट्रपति से मुलाकात को गर्मजोशी से भरा दोस्तों का मिलन बताया गया. कूटनीति में आज करेंगे विश्लेषण करेंगे शी जिनपिंग के इस सोचे-समझे 'पावर मूव' का.