'कूटनीति' में बात 'अमेरिकन ड्रीम' की. दशकों से अमेरिका ने दुनिया भर को एक सुनहरा सपना बेचा—कड़ी मेहनत करो, पढ़ाई करो और एक दिन अपनी ज़िंदगी को बेहतर बनाओ. इसी वादे और सपने के दम पर लाखों भारतीय समुद्र पार करके अमेरिका पहुंचे. लेकिन क्या अब वही देश अपने दरवाज़े एक-एक करके बंद कर रहा है? भारतीय मूल के अमेरिकी सांसद श्री थानेदार की चुनावी हार के बाद अमेरिका में भारत-विरोधी माहौल की चर्चाएं शुरू हुई हैं. लेकिन इससे भी बड़ा भूचाल अमेरिका के नए इमिग्रेशन और वीज़ा नियमों की वजह से आया है। एक छोटी सी कागज़ी भूल अब सालों के सपने को एक पल में चकनाचूर कर सकती है. तो आज 'कूटनीति' में समझेंगे कि क्या अमेरिका भारतीयों को कह रहा है कि 'टैलेंट के लिए शुक्रिया, लेकिन अब आपकी ज़रूरत नहीं.