ब्रिक्स (BRICS) इस वक्त दुनिया का सबसे पसंदीदा मंच बन चुका है. 11 देश इसके पूर्ण सदस्य बन चुके हैं, जबकि 30 से ज्यादा देश इसके दरवाजे पर दस्तक दे रहे हैं-इस उम्मीद में कि शायद उन्हें भी इसमें एंट्री मिल जाए. लेकिन ब्रिक्स का सबसे बड़ा नियम यह है कि किसी भी नए सदस्य को शामिल करने के लिए सभी पुराने सदस्यों की रजामंदी यानी 'आम सहमति' जरूरी है. अगर एक भी देश विरोध कर दे, तो नए सदस्य की नो-एंट्री तय है. और इस वक्त भारत का रुख ही कई देशों के लिए सबसे बड़ा रोड़ा बना हुआ है. कूटनीति में आज बात करेंगे. ब्रिक्स विस्तार पर भारत के वीटो, पाकिस्तान और तुर्किए की अटकी अर्जियों और इस संगठन के पावर गेम की.