डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार की मांग की है. पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने युद्धों को रोकने में अपनी भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान कई बड़े संघर्षों को सुलझाया है. ट्रंप ने दावा किया कि उन्होंने कम से कम आठ युद्धों और विवादों को सुलझाया है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है. अपने ताजा बयान में ट्रंप ने कहा कि उन्होंने वह काम कर दिखाया है जो दुनिया के किसी अन्य नेता या अमेरिकी राष्ट्रपति ने शायद ही कभी किया हो. उनका मानना है कि वैश्विक शांति स्थापित करने के उनके इन प्रयासों के लिए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाना चाहिए. ट्रंप ने अन्य पूर्व राष्ट्रपतियों पर भी निशाना साधा और कहा कि इतिहास में शायद ही किसी राष्ट्रपति ने इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय संकटों और जंगों को बातचीत के जरिए सुलझाया हो. ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस छेड़ दी है. उनके समर्थक जहां इसे उनकी बड़ी कूटनीतिक जीत मान रहे हैं, वहीं आलोचक उनके इस दावे पर सवाल उठा रहे हैं. डोनाल्ड ट्रंप का यह दावा वैश्विक मंच पर उनकी नीतियों और उनके प्रभाव को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है. अमेरिकी चुनाव के मद्देनजर उनके इस बयान के कई राजनीतिक मायने भी निकाले जा रहे हैं. ट्रंप हमेशा से ही यह दावा करते रहे हैं कि अगर वे सत्ता में होते तो रूस-यूक्रेन युद्ध और गाजा में चल रहा संघर्ष कभी शुरू ही नहीं होता.