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पहले विश्व युद्ध में शहीद हुए भारतीय सैनिकों के अवशेष आज फ्रांस में किए जाएंगे दफ्न

भारतीय सेना की 39वीं रॅायल गढ़वाल राइफल्स के दो जवानों के अवशेषों को फ्रांस के ला जॉर्ज सैन्य कब्रिस्तान में रविवार को दफनाया जाएगा. यह दोनों भारतीय सैनिक पहले विश्वयुद्ध के दौरान फ्रांस में शहीद हो गए थे.

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फोटो साभार राष्ट्रमंडल युद्ध कब्र आयोग कार्यालय
फोटो साभार राष्ट्रमंडल युद्ध कब्र आयोग कार्यालय

भारतीय सेना की 39वीं रॅायल गढ़वाल राइफल्स के दो जवानों के अवशेषों को फ्रांस के ला जॉर्ज सैन्य कब्रिस्तान में रविवार को दफनाया जाएगा. यह दोनों भारतीय सैनिक पहले विश्वयुद्ध के दौरान फ्रांस में शहीद हो गए थे.

पिछले साल 20 सितंबर को पेरिस से करीब 230 किमी दूर लावेन्टी सैन्य कब्रिस्तान के पास रिचेबोर्ग गांव के दक्षिणी हिस्से में खुदाई के दौरान दो मानव अवशेष पाए गए थे. अवशेषों के पास से बरामद सामान की जांच के बाद उनकी पहचान 39वीं रॉयल गढ़वाल रायफल्स के जवानों की तौर पर हुई थी.

सेना की तरफ से जारी बयान में बताया गया कि इन गुमनाम नायकों की कब्र के संरक्षक ‘राष्ट्रमंडल कब्र आयोग कार्यालय’ (CWGC) ने फ्रांसीसी सरकार और फ्रांस में भारतीय दूतावास के साथ परामर्श के बाद लावेंती सैन्य कब्रिस्तान में उन्हें पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ दफनाने का फैसला किया. इस आयोजन में भारतीय सेना की तरफ से एक शिष्टमंडल भी शामिल होगा, जो अंतिम संस्कार के बाद प्रतीकात्मक तौर पर वहां की मिट्टी स्वदेश लेकर आएगा.

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बता दें कि पहले में ब्रिटिश सेना के साथ मिलकर भारतीय जवानों ने भी फ्रांस के खिलाफ जंग लड़ा था. इस युद्ध में शामिल रॉयल गढ़वाल रायफल्स के जवानों ने असाधारण शौर्य पराक्रम का परिचय दिया था और कई जवान शहीद हुए थे. गढ़वाल ब्रिगेड की इस अदम्य साहस के लिए उन्हें 6 बैटल ऑनर और दो विक्टोरिया क्रॉस प्रदान किए गए थे.

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