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कराची में US दूतावास में घुसे पाकिस्तानी प्रोटेस्टर, अमेरिकी सैनिकों की फायरिंग में 12 की मौत

कराची में ईरान हमलों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास में घुसने का प्रयास किया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सुरक्षा बलों की फायरिंग में 12 प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई और 30 घायल हुए हैं. पुलिस ने स्थिति काबू करने के लिए भारी गोलाबारी और आंसू गैस का प्रयोग किया.

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कराची में अमेरिकी दूतावास पर हमले की कोशिश की गई (Photo: Screengrab)
कराची में अमेरिकी दूतावास पर हमले की कोशिश की गई (Photo: Screengrab)

खामेनेई की मौत के बाद प्रदर्शन की आग पाकिस्तान तक पहुंच चुकी है. पाकिस्तान के कराची में उग्र प्रदर्शन के दौरान भीड़ ने अमेरिकी दूतावास परिसर के बाहर हिंसक प्रदर्शन करते हुए आगजनी और तोड़फोड़ की. स्थिति बिगड़ने पर US कॉन्सुलेट में तैनात अमेरिकी  मिलिट्री के जवानों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए गोली चलाई जिसमें 12 लोगों के मारे जाने की खबर है.

घटना उस समय शुरू हुई जब बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी कराची के एम.टी. खान रोड (MT Khan Road) पर स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर एकत्र हुए. प्रदर्शनकारी ईरान में अयातुल्ला खामेनेई और उनके परिवार को निशाना बनाए जाने के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे थे.

तभी हालात बेकाबू हो गए जब प्रदर्शनकारियों ने दूतावास परिसर में घुसने की कोशिश की और सुरक्षा बलों पर पथराव शुरू कर दिया. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और वहां तैनात अमेरिकी सुरक्षा बलों ने पहले भारी आंसू गैस के गोले छोड़े और फिर सीधी फायरिंग शुरू कर दी.

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बचाव अधिकारियों और स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस हिंसा में अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 30 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं. घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है. पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और भारी सुरक्षा बल तैनात है.

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घायलों का अस्पताल में हो रहा इलाज

पाकिस्तानी अखबार, 'डॉन' से बातचीत में पुलिस सर्जन डॉ. सुमैया सैयद ने बताया कि छह शव सिविल अस्पताल कराची (सीएचके) लाए गए हैं. डॉ. सैयद ने कहा कि दो घायल पुलिसकर्मियों और इतने ही घायल प्रदर्शनकारियों को इलाज के लिए जिन्ना पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सेंटर (JPMC) भेजा गया है. सर्जन के अनुसार, दो पुलिसकर्मी “तेज और कुंद हथियारों” से घायल हुए, जबकि “दो प्रदर्शनकारी गोली लगने से घायल” अवस्था में जेपीएमसी लाए गए.

सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लांजर ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक (AIG) आज़ाद खान से तत्काल स्थिति की जानकारी मांगी. उनके कार्यालय के बयान में यह जानकारी दी गई. लांजर के हवाले से कहा गया, “किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी.” उन्होंने संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा और प्रभावी बनाने का आदेश दिया.

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लांजर ने चेतावनी देते हुए कहा, “कानून-व्यवस्था भंग करने वाले तत्वों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.” इससे पहले सुबह लगभग 11 बजे जारी अपडेट में कराची ट्रैफिक पुलिस ने बताया था कि सुल्तानाबाद ट्रैफिक सेक्शन से माई कोलाची तक सड़क के दोनों ओर प्रदर्शन के कारण यातायात बंद कर दिया गया है और वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है.

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आक्रोश का वैश्विक असर
यह घटना दिखाती है कि ईरान पर हुए हमलों के बाद मुस्लिम देशों में अमेरिका और इजरायल के खिलाफ कितना जबरदस्त आक्रोश है. कराची की यह हिंसा क्षेत्र में बढ़ते तनाव का ताजा उदाहरण है, जहां अब सीधे तौर पर अमेरिकी दूतावासों को निशाना बनाया जा रहा है. प्रदर्शनकारी लगातार अमेरिका विरोधी नारेबाजी कर रहे हैं और इस्लामिक नेताओं की सुरक्षा की मांग कर रहे हैं.

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