ईरान पर अमेरिका के संभावित जमीनी हमले की अटकलों के बीच ईरान की सेना के विशेष कमांडो दस्ते ने एक वीडियो जारी किया है. इस वीडियो में ईरान ने सीधे तौर पर ऐसे कोई भी कदम नहीं उठाने की वॉर्निंग दी है.
ईरानी मीडिया द्वारा प्रसारित एक मिनट के इस वीडियो में भारी हथियारों से लैस कमांडो युद्धाभ्यास और सामरिक अभ्यास करते नजर आ रहे हैं. इसके साथ एक कड़ा संदेश भी दिया गया है, आओ, हम तुम्हारा इंतजार कर रहे हैं.
ईरान की ओर से यह चेतावनी ऐसे समय में आई है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के खार्ग द्वीप पर स्थित प्रमुख तेल ढांचे पर कब्जा करने के लिए थल सेना उतारने की धमकी दी है. मध्यपूर्व में जारी यह जंग अब दूसरे महीने में प्रवेश कर चुकी है और इसके थमने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं. ईरान के सैन्य और राजनीतिक नेताओं ने बार-बार अमेरिका को चेतावनी दी है कि किसी भी तरह के हमले का जवाब बेहद कड़े प्रतिरोध से दिया जाएगा.
इसी बीच, अमेरिकी सेना की प्रतिष्ठित 82वीं एयरबॉर्न डिवीजन के हजारों सैनिक इस क्षेत्र में पहुंचने लगे हैं, जिससे वॉशिंगटन के सैन्य विकल्प और व्यापक हो गए हैं. वहीं, व्हाइट हाउस ने कथित तौर पर ईरान को छह अप्रैल तक होर्मुज खोलने का अल्टीमेटम दिया है.
ईरान जंग का एक महीने होने पर ईरानी अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जमीनी हमला हुआ तो वे आग बरसा देंगे. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने कहा कि दुश्मन सार्वजनिक रूप से बातचीत का संकेत देता है, जबकि गुप्त रूप से जमीनी हमले की योजना बना रहा है. उन्होंने कहा कि ईरानी सेना पहले से ही अमेरिकी सैनिकों के जमीन पर उतरने का इंतजार कर रही है, ताकि उन पर आग बरसाई जा सके.
तेहरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अंगर जंग और उग्र हुई तो वह अमेरिका के क्षेत्रीय सहयोगियों को हमेशा के लिए सजा देगा. उधर, अमेरिका खाड़ी देशों में स्थित अपने सैन्य ठिकानों वाले इलाकों को निशाना बनाता जा रहा है.
वहीं, रिपोर्ट्स के अनुसार सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात के नेतृत्व में खाड़ी देश ट्रंप प्रशासन पर सैन्य अभियान जारी रखने का दबाव बना रहे हैं. उनका मानना है कि ईरान अभी पर्याप्त रूप से कमजोर नहीं हुआ है.
सूत्रों के मुताबिक सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और बहरीन के अधिकारियों ने निजी बातचीत में यह संकेत दिया है कि वे तब तक इस अभियान के समाप्त होने के पक्ष में नहीं हैं, जब तक ईरान के नेतृत्व में बड़ा बदलाव या उसके व्यवहार में बदलाव न हो. हालांकि, कतर ने मंगलवार को तत्काल हमले रोकने की अपील की और कहा कि स्थिति को और भड़काना किसी के हित में नहीं है.