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'हां, अमेरिकी मरीन्स ने ही मारी थी गोली...', पाकिस्तान में दूतावास पर चढ़ाई मामले में बड़ा खुलासा

ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कराची में खूब बवाल हुआ. प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास के बाहर तोड़फोड़ की और अमेरिकी अधिकारियों ने भीड़ पर फायरिंग कर दी. अब अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि भीड़ पर मरीन सैनिकों ने गोली चलाई थी, जिसमें 16 लोगों की मौत हो गई थी.

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कराची हिंसा में 16 लोग मारे गए थे. (Photo: AP)
कराची हिंसा में 16 लोग मारे गए थे. (Photo: AP)

ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान में भारी बवाल हुआ. कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों और सुरक्षाबलों के बीच हिंसक झड़प हुई. अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि हालात बेकाबू होने पर अमेरिकी मरीन सैनिकों ने ही प्रदर्शनकारियों पर गोलियां चलाई थीं.

खामेनेई की हत्या से नाराज प्रदर्शनकारी रविवार को कराची में अमेरिकी दूतावास के बाहर जमा हुए थे. प्रदर्शनकारियों ने 'अमेरिका मुर्दाबाद' और 'इजरायल मुर्दाबाद' के नारे लगाए. देखते ही देखते भीड़ हिंसक हो गई और उन्होंने दूतावास की बाहरी सुरक्षा दीवार तोड़ दी.

भीड़ को रोकने के लिए पहले आंसू गैस के गोले छोड़े गए. लेकिन जब भीड़ बेकाबू हो गई, तो परिसर के अंदर से गोलीबारी शुरू हुई. इस हिंसा में 16 लोगों के मारे जाने की खबर है. 

'अमेरिकी मरीन ने पूरी दुनिया को संदेश दिया...'

रोड आइलैंड से रिपब्लिकन उम्मीदवार विक मेलर ने X पर कहा, 'हथियारबंद दंगाइयों ने कराची, पाकिस्तान में हमारे अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर हमला करने की कोशिश की. उन्होंने सुरक्षा घेरा तोड़ दिया. उन्होंने आग लगा दी. उन्हें लगा कि ये 1979 है. ऐसा नहीं है. अमेरिकी मरीन ने उन्हें दरवाजे पर ही रोक दिया और पूरी दुनिया को एक संदेश दिया कि अमेरिका के आत्मरक्षा न करने के दिन अब खत्म हो गए हैं.'

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'आप अमेरिका की धरती को नहीं छू सकते...'

मेलर ने आगे कहा, 'हम अपनी ताकत के लिए जाने जाएंगे और जो कोई भी अमेरिकियों को नुकसान पहुंचाना चाहेगा, उसे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. एक मरीन के रूप में, मैं आपको वही बता रहा हूं जो हर मरीन पहले से जानता है. आप अमेरिक की धरती को नहीं छू सकते. न कराची में, न ही धरती पर कहीं और.'

मरीन सैनिकों ने ही चलाई थी गोलियां

अमेरिकी अधिकारियों ने पहली बार माना है कि उनके मरीन सैनिक इस गोलीबारी में शामिल थे. आमतौर पर दूतावासों की बाहरी सुरक्षा स्थानीय पुलिस या निजी गार्ड करते हैं. हालांकि, ये अभी साफ नहीं है कि मरीन की गोलियों से कितने लोग हताहत हुए, क्योंकि वहां स्थानीय पुलिस भी तैनात थी.

यह भी पढ़ें: US कांसुलेट के गेट तोड़े, आग लगाई... ईरान पर हमले के विरोध में पाकिस्तान के कराची में भयंकर उपद्रव - VIDEO

वीजा सेवाएं ठप

सुरक्षा के बिगड़ते हालातों को देखते हुए, अमेरिका ने पाकिस्तान में अपनी सभी वीजा सेवाओं को  निलंबित कर दिया है. इस्लामाबाद, लाहौर और कराची के केंद्रों पर 6 मार्च तक कोई वीजा अपॉइंटमेंट नहीं होगा. कराची में दूतावास की ओर जाने वाली सभी सड़कों को भी सील कर दिया गया है और भारी पुलिस बल तैनात है.

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