
अमेरिका और कनाडा के बीच लंबे समय से विवाद का कारण बना गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज अब आखिरकार 27 जुलाई से खुलने जा रहा है. करीब 4.7 अरब डॉलर की लागत से बने इस पुल को लेकर दोनों देशों के बीच टोल राजस्व के बंटवारे पर समझौता हो गया है. इसके बाद पुल के उद्घाटन का रास्ता साफ हो गया है.
यह पुल अमेरिका के डेट्रॉयट और कनाडा के विंडसर शहर को जोड़ेगा. पहले इसे जून में शुरू किया जाना था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फरवरी में वित्तीय शर्तों पर आपत्ति जताते हुए इसके उद्घाटन पर रोक लगाने की चेतावनी दी थी. ट्रंप का कहना था कि अमेरिका के हितों की अनदेखी करते हुए पहले जो समझौता किया गया था, वह स्वीकार्य नहीं है.
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समझौते के तहत अब अमेरिका को इस पुल से होने वाले टोल रेवेन्यू का 50 फीसदी हिस्सा मिलेगा. इसके अलावा अगर भविष्य में टोल दरों में मौजूदा शुल्क से 10 प्रतिशत से अधिक बढ़ोतरी की जाती है तो अमेरिका को उस पर वीटो का अधिकार भी होगा. ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर कहा कि उन्होंने अमेरिका के लिए पहले से कहीं बेहतर समझौता कराया है.

अमेरिका-कनाडा में किन मुद्दों पर बनी बात?
कनाडा सरकार ने बताया कि दोनों देशों के बीच टोल प्रबंधन, पारदर्शिता और क्षेत्रीय विकास को लेकर कई सहयोगी कदमों पर सहमति बनी है. इसके तहत पुल के मुनाफे के एक हिस्से से 15 साल का आर्थिक विकास फंड भी बनाया जाएगा, जिससे सीमा क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को बढ़ावा मिलेगा.
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2018 में शुरू हुआ था ब्रिज का निर्माण
गॉर्डी होवे इंटरनेशनल ब्रिज का निर्माण 2018 में शुरू हुआ था. इसकी पूरी फंडिंग कनाडा ने की क्योंकि अमेरिका ने निर्माण लागत में हिस्सा नहीं दिया था. मूल योजना के मुताबिक, निर्माण लागत की भरपाई अगले 30 वर्षों में टोल से की जानी थी. हालांकि, अब नई राजस्व साझेदारी का भुगतान व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा, यह अभी स्पष्ट नहीं है.