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UAE ने PAK को दे दिया अल्टीमेटम! पैसे के लिए सऊदी-चीन के सामने शहबाज ने फैलाए हाथ

यूएई ने पाकिस्तान से 3.5 अरब डॉलर की तत्काल वापसी की मांग की है, जिससे पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ गया है. इस संकट से बचने के लिए पाकिस्तान सऊदी अरब और चीन से कर्ज और निवेश दोनों के लिए बातचीत कर रहा है ताकि आर्थिक संकट से बचा जा सके.

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शहबाज शरीफ को पैसे के लिए सऊदी-चीन के पास जाना पड़ा है (File Photo: AFP)
शहबाज शरीफ को पैसे के लिए सऊदी-चीन के पास जाना पड़ा है (File Photo: AFP)

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने हाल ही में पाकिस्तान से अपने पैसे का तगादा कर दिया. पाकिस्तान को इस महीने सऊदी अरब को 3.5 अरब डॉलर लौटाने हैं. पाकिस्तान अगर यह पैसा लौटा देता है तो उसका विदेशी मुद्रा भंडार कुछ ही दिनों में भरभराकर गिर जाएगा. इससे बचने के लिए पाकिस्तान सऊदी अरब और चीन से पैसा मांग रहा है.

ये वही पाकिस्तान है जिसके प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनकर खुद की पीठ थपथपा रहे थे और कह रहे थे कि पाकिस्तान का सिर दुनियाभर में गर्व से ऊंचा हो गया है. लेकिन अब इसी पाकिस्तान को पैसे के लिए दर-दर हाथ फैलाने पड़ रहे हैं.

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान यूएई को कर्ज चुकाने की तैयारी के बीच सऊदी अरब और चीन से कर्ज लेने के लिए बातचीत कर रहा है. मामले से जुड़े लोगों के अनुसार, ये बातचीत कर्ज और निवेश दोनों को लेकर हो रही है. 

एक व्यक्ति ने बताया कि दोनों देश मिलकर पाकिस्तान को 3.5 अरब डॉलर से अधिक का कर्ज दे सकते हैं.

तीन महीने के आयात के लिए ही पाकिस्तान के पास बचा है रिजर्व

पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान में यूएई के 3 अरब डॉलर साल 2018 से जमा हैं और यह हर साल रोलओवर होता आया था. लेकिन सात साल में पहली बार पाकिस्तान यूएई के साथ कर्ज के रोलओवर का समझौता करने में विफल रहा है. तीन अरब डॉलर के अलावा पाकिस्तान पर यूएई का 45 करोड़ डॉलर का एक और कर्ज सालों से बकाया है.

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यूएई दोनों ही कर्ज वापस मांग रहा है. उसका कहना है कि इस महीने के अंत तक उसे अपना लगभग 3.5 अरब डॉलर चाहिए. पाकिस्तान यह कर्ज चुका भी रहा है लेकिन फिर इसके बाद उसके विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ेगा. फिलहाल पाकिस्तान के पास करीब 16 अरब डॉलर का रिजर्व है, जो केवल तीन महीने के आयात के लिए पर्याप्त है.

हाल के महीनों में पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच आर्थिक और सुरक्षा संबंध मजबूत हुए हैं, जबकि सऊदी अरब और यूएई के रिश्तों में कुछ खटास आई है. ऐसे में यूएई का पाकिस्तान से तुरंत पैसे की मांग करना बताता है कि वो पाकिस्तान-सऊदी के बढ़ते संबंधों से खुश तो नहीं है.

सऊदी अरब ने हाल ही में बताया कि आपसी रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान ने उसकी सुरक्षा मजबूत करने के लिए फाइटर जेट्स भेजे हैं.

मध्य पूर्व में ईरान ने अमेरिका के साथ युद्ध के बीच सऊदी अरब और अन्य पड़ोसी देशों पर मिसाइल हमले किए हैं.

यूएई ने यह भी साफ नहीं किया है कि वो पाकिस्तान से तत्काल पैसे की मांग क्यों कर रहा है. पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी इसे 'रूटीन वित्तीय लेन-देन' बताया है और दोनों देशों के बीच किसी तनाव को खारिज करने की कोशिश की है. 

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