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US-इजरायल के बाद NATO भी जंग में कूदा? तुर्की पर ईरानी हमले को एयर डिफेंस ने मार गिराया

तुर्की ने मिडिल-ईस्ट की जंग में नाटो के एयर डिफेंस सिस्टम की मदद से एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया है. ये पहली बार है जब नाटो सीधे इस संघर्ष में शामिल हुआ है. मिसाइल का मलबा तुर्की के हाटे प्रांत में गिरा. तुर्की ने सभी पक्षों को तनाव बढ़ाने से बचने की चेतावनी दी है.

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तुर्की ने ईरान को चेताया भी है. (Photo: Reuters)
तुर्की ने ईरान को चेताया भी है. (Photo: Reuters)

मिडिल-ईस्ट की जंग में अब नाटो की एंट्री होती नजर आ रही है. तुर्की ने बुधवार को जानकारी दी कि नाटो (NATO) के एयर डिफेंस सिस्टम ने तुर्की के एयर स्पेस की तरफ आ रही एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल को मार गिराया.

ये पहली बार है जब ये नाटो सदस्य देश सीधे तौर पर ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे इस संघर्ष में शामिल हुआ है.

तुर्की, ईरान का पड़ोसी देश है और वो युद्ध शुरू होने से पहले अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहा था. तुर्की ने इस घटना के बाद सभी पक्षों को उन कार्रवाइयों से बचने की चेतावनी दी है जो तनाव को और बढ़ा सकती हैं.

एयर स्पेस का उल्लंघन करने पर क्या करेगा तुर्की?

तुर्की ने अभी तक नाटो से सैन्य मदद की औपचारिक मांग नहीं की है, लेकिन कहा जा रहा है कि एयर स्पेस का उल्लंघन गंभीर होने पर अंकारा नाटो के 'आर्टिकल 4' का सहारा ले सकता है. अगर खतरा बढ़ता है, तो ये 'आर्टिकल 5' तक जा सकता है, जिसके तहत सभी सदस्य देशों को तुर्की की रक्षा करनी होगी.

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तुर्की ने की अटैक की निंदा

नाटो के एक प्रवक्ता ने ईरान के तुर्की को निशाना बनाने की निंदा की है. प्रवक्ता ने कहा कि नाटो अपने सभी सहयोगियों के साथ मजबूती से खड़ा है. बता दें कि तुर्की के पास नाटो गठबंधन की दूसरी सबसे बड़ी सेना है.

इंसर्लिक बेस के करीब गिरा मलबा

तुर्की के दक्षिणी प्रांत हाटे के पास ये हादसा हुआ था. इसी के पड़ोसी प्रांत में अमेरिका का प्रसिद्ध इंसर्लिक एयरबेस भी है. अधिकारियों के मुताबिक, मिसाइल को रोकने के बाद उसका मलबा हाटे प्रांत में गिरा. 

यह भी पढ़ें: तुर्की में F-16 फाइटर जेट क्रैश, ईरान से तनाव के बीच अमेरिकी जेट के साथ बड़ा हादसा

अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा कि फिलहाल ऐसी स्थिति नहीं दिखती जिससे 'आर्टिकल 5' लागू हो. उनके मुताबिक इसे लागू करना युद्ध को बढ़ाना होगा. वहीं, तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने ईरान विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची को फोन किया और इस मामले पर आपत्ति जताई.

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