मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने कतर और बहरीन से अपने सैकड़ों सैनिकों को हटा लिया है. अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह कदम ईरान के साथ संभावित सैन्य टकराव और जवाबी हमलों की आशंका को देखते हुए उठाया गया है.
कतर के अल उदैद एयर बेस और बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट से जुड़े ठिकानों से यह तैनाती फिर से की गई. अल उदैद अमेरिका का मध्य पूर्व में सबसे बड़ा सैन्य अड्डा है, जहां करीब 10 हजार सैनिक तैनात रहते हैं. अधिकारियों का कहना है कि यह कदम किसी तत्काल युद्ध का संकेत नहीं, बल्कि आकस्मिक स्थिति से निपटने की तैयारी है.
अमेरिका ने हाल के हफ्तों में क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है. दो एयरक्राफ्ट कैरियर, लड़ाकू विमान और अतिरिक्त हथियार तैनात किए गए हैं. इसी बीच पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सवाल उठाया है कि इतने दबाव के बावजूद ईरान ने अब तक 'सरेंडर' क्यों नहीं किया. उनके दूत स्टीव विटकॉफ ने कहा कि वॉशिंगटन अभी भी कूटनीतिक समाधान चाहता है, लेकिन उसके पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं.
दूसरी ओर, ईरान ने कहा है कि वह 'दुश्मन की हर गतिविधि पर 24 घंटे नजर' रख रहा है. ईरानी कमांडर अली जहांशाही ने दावा किया कि देश की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी कार्रवाई की अनुमति नहीं दी जाएगी.
परमाणु समझौते को लेकर भी हलचल तेज है. रिपोर्ट्स के मुताबिक अगर ईरान 48 घंटे में विस्तृत प्रस्ताव देता है तो जिनेवा में अमेरिका-ईरान के बीच नई वार्ता हो सकती है. ओमान की मध्यस्थता में बातचीत की तैयारी चल रही है. हालांकि दोनों देशों के बीच प्रतिबंधों में राहत और परमाणु कार्यक्रम की सीमाओं को लेकर मतभेद बरकरार हैं.