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'कैसे भी कब्जा करूंगा...', ट्रंप ने धमकी दी और अंधेरे में डूबे लोग, ईरान के बाद अब इस देश की बारी!

ईरान जंग के बीच एक और देश पर अमेरिकी हमले का खतरा मंडरा रहा है. अमेरिका ने द्वीप देश क्यूबा का तेल बंद कर रखा है और किसी भी देश को उसे तेल सप्लाई करने नहीं दे रहा है. इस बीच ट्रंप ने क्यूबा को बड़ी धमकी दी है जिससे नए जंग की आहट मानी जा रही है.

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अमेरिकी ने क्यूबा की तेल नाकेबंदी कर रखी है (File Photo: Reuters)
अमेरिकी ने क्यूबा की तेल नाकेबंदी कर रखी है (File Photo: Reuters)

ईरान में चल रहे अमेरिकी जंग के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक और देश पर नजर गड़ाए हुए हैं. ट्रंप पिछले कई महीनों से क्यूबा पर अपना कंट्रोल स्थापित करने की बात कर रहे हैं और अब उन्होंने उम्मीद जताई है कि वो इस कैरेबियाई देश के साथ जो चाहें, कर सकते हैं. ट्रंप ने कहा है कि उन्हें किसी न किसी रूप में क्यूबा को अपने कब्जे में लेने का सम्मान मिलने की उम्मीद है. 

ट्रंप ने यह बात सोमवार को ओवल ऑफिस में कही. और वो भी तब जब अमेरिका और क्यूबा के बीच बातचीत चल रही है. अमेरिका ने क्यूबा की तेल नाकेबंदी कर दी है जिससे यह छोटा सा द्वीप देश भारी ऊर्जा संकट और बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट से जूझ रहा है. 

क्यूबा को लाचार करने की अपनी कोशिशों के बीच ट्रंप ने कहा, 'मुझे लगता है कि मुझे क्यूबा को लेने का सम्मान मिलेगा. यह बड़ा सम्मान है. किसी न किसी रूप में मुझे क्यूबा को अपने कंट्रोल में लेना है.'

पत्रकारों के सवालों के जवाब में ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस द्वीप के खिलाफ अलग-अलग कदम उठा सकता है. उन्होंने कहा, 'चाहे मैं उसे आजाद करूं या अपने कब्जे में लूं. सच कहूं तो मैं उसके साथ कुछ भी कर सकता हूं.'

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ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब सोमवार को क्यूबा में देशभर में ब्लैकआउट हो गया. करीब 1.1 करोड़ लोग अंधेरे में रहने को मजबूर हैं क्योंकि ईंधन की कमी से देश के पुराने बिजलीघरों पर प्रेशर काफी बढ़ गया है.

अमेरिकी राष्ट्रपति के बयान के बाद, न्यूयॉर्क टाइम्स ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा कि बातचीत में अमेरिकी अधिकारियों ने क्यूबा के राष्ट्रपति मिगेल डियाज-कैनेल को हटाने की शर्त रखी है. हालांकि, अमेरिका ने सार्वजनिक रूप से इस पर कुछ नहीं कहा है.

अमेरिकी नाकेबंदी के बीच क्यूबा में देशभर में बिजली संकट

क्यूबा ने लंबे समय तक अमेरिकी दबाव के आगे झुकने से मना किया है. पिछले एक दशक से ज्यादा समय बाद क्यूबा ने अमेरिका के बातचीत के प्रस्ताव को स्वीकार किया है.

अमेरिकी दबाव के बीच क्यूबा वेनेजुएला से ऊर्जा खरीदता था लेकिन ट्रंप ने इस साल की शुरुआत में वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को अगवा कर उसके तेल पर अपना कंट्रोल स्थापित कर लिया. इस वजह से क्यूबा में ऊर्जा की भारी किल्लत हो गई है.

अमेरिका ने क्यूबा को तेल-गैस सप्लाई करने वाले अन्य देशों को भी ऐसा करने से रोकने की कोशिश की है. ऐसे में क्यूबा में हफ्तों से बिजली कटौती, ईंधन की कमी जारी है और लोगों का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है.

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ट्रंप कई बार क्यूबा पर 'पूरी तेल नाकेबंदी' की धमकी दे चुके हैं और चेतावनी दी है कि जो देश क्यूबा को तेल बेचेंगे, उन्हें टैरिफ का सामना करना पड़ सकता है. 

क्यूबा के राष्ट्रपति डियाज-कैनेल ने पिछले हफ्ते कहा कि अमेरिका के साथ कोई भी बातचीत 'बराबरी और दोनों देशों की राजनीतिक व्यवस्थाओं के सम्मान' पर आधारित होनी चाहिए. उन्होंने संप्रभुता और आत्मनिर्णय पर जोर दिया. 

उन्होंने यह भी कहा कि नाकेबंदी के कारण क्यूबा को तीन महीने से तेल नहीं मिला, जिससे कई लोग प्रभावित हुए हैं, जिनमें इलाज की जरूरत वाले बच्चे भी शामिल हैं. 

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