कनाडा के टोरंटो में स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर मंगलवार तड़के गोलीबारी की घटना सामने आई है, जिसके बाद इसे संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला मानते हुए जांच शुरू कर दी गई है. अधिकारियों के मुताबिक हमले में कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने कनाडा में राजनयिक परिसरों की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है.
पुलिस के अनुसार सुबह लगभग 4:30 से 5:30 बजे के बीच दो संदिग्ध एक सफेद एसयूवी से दूतावास के सामने पहुंचे. वे वाहन से बाहर निकले और इमारत की ओर कई गोलियां चलाईं, जिसके बाद मौके से फरार हो गए. घटनास्थल से कारतूस के खोखे बरामद किए गए हैं और इमारत के बाहरी हिस्से को मामूली नुकसान पहुंचा है.
कनाडा की संघीय पुलिस और स्थानीय पुलिस इस घटना को “नेशनल सिक्योरिटी इंसिडेंट” मानकर जांच कर रही हैं. जांच में अमेरिकी एजेंसियों, विशेष रूप से एफबीआई, के साथ भी तालमेल किया जा रहा है.
सरकार ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने इस घटना को “घोर निंदनीय हिंसा” बताया और कहा कि जिम्मेदार लोगों को कानून के तहत सख्त सजा दी जाएगी. वहीं ओंटारियो के प्रीमियर
डौग फोर्ड ने भी इसे अमेरिका के खिलाफ डराने-धमकाने की कोशिश बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की.
घटना के बाद कनाडा में अमेरिकी और इजरायली राजनयिक परिसरों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस ने इलाके की कई सड़कों को अस्थायी रूप से बंद कर जांच शुरू कर दी.
हालिया घटनाओं से बढ़ी चिंता
यह घटना ऐसे समय हुई है जब पिछले कुछ दिनों में टोरंटो क्षेत्र में दो सिनेगॉग (यहूदी उपासना स्थल) पर भी गोलीबारी की घटनाएं सामने आई थीं. हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि इन घटनाओं का आपस में कोई संबंध है या नहीं.
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया अंतरराष्ट्रीय तनाव, खासकर अमेरिका-ईरान संघर्ष को लेकर दुनिया के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा जोखिम बढ़ गए हैं. ऐसे में राजनयिक मिशनों को संभावित हमलों से बचाने के लिए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं.
फिलहाल पुलिस संदिग्धों की तलाश कर रही है और उस सफेद वाहन की तस्वीर भी जारी की गई है जिसमें हमलावर भागे थे. जांच एजेंसियां निगरानी कैमरों की फुटेज और अन्य सबूतों की मदद से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं.