scorecardresearch
 

'डील का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन...', भड़के ट्रंप, ईरान और अमेरिका में फिर तनातनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर कम से कम चार वन-वे अटैक ड्रोन दागे हैं. उन्होंने कहा यह हमारे संघर्ष-विराम समझौते का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन है.

Advertisement
X
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- हमने तीन ड्रोनों को मार गिराया. (Photo: Reuters)
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा- हमने तीन ड्रोनों को मार गिराया. (Photo: Reuters)

अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुआ सीजफायर समझौता खतरे में पड़ता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों पर ड्रोन हमले का गंभीर आरोप लगाया है. ट्रंप ने दावा किया कि एक कार्गो जहाज हमले का शिकार हुआ है, जबकि अमेरिकी सेना ने तीन अन्य ड्रोनों को रोक दिया.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान ने रणनीतिक जलमार्ग से गुजर रहे जहाजों पर चार वन-वे अटैक ड्रोन दागे. ट्रंप ने इस कथित हमले को दोनों देशों के बीच संघर्ष-विराम समझौते का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन बताया. 

बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में स्थिरता लाने के हालिया राजनयिक प्रयासों के बावजूद तनाव बना हुआ है. 

यह भी पढ़ें: 4,600 करोड़ की महंगी मरम्मत! फिर भी Buckingham Palace में क्यों नहीं रहेगा शाही परिवार?

ट्रंप ने लिखा, 'इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजर रहे जहाजों पर कम से कम चार वन-वे अटैक ड्रोन दागे.'

उन्होंने आगे बताया, 'एक ड्रोन ने कार्गो शिप के ऊपरी डेक पर जोरदार प्रहार किया. जहाज को नुकसान तो पहुंचा, लेकिन वह अपना सफर जारी रखने में सफल रहा.' ट्रंप ने आगे दावा किया कि अमेरिकी सेना ने बाकी ड्रोनों को रोक दिया.

Advertisement

अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, हमने तीन अन्य ड्रोनों को मार गिराया. जाहिर है, यह हमारे संघर्ष-विराम समझौते का मूर्खतापूर्ण उल्लंघन है.

हालांकि ट्रंप ने उस जहाज की पहचान नहीं बताई जिस पर कथित तौर पर हमला हुआ था, और न ही हताहतों या नुकसान की सीमा के बारे में कोई और जानकारी दी.

ये दावे गुरुवार को सिंगापुर के झंडे वाले एक कार्गो जहाज पर होर्मुज से गुजरते समय हुए हमले के बाद सामने आए हैं. इस घटना को अमेरिका-ईरान के बीच पिछले हफ्ते हुए उस समझौते के लिए पहली बड़ी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है, जिसका मकसद महीनों से चल रही लड़ाई को खत्म करना और दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग मार्गों में से एक को फिर से खोलना था.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement