रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग अब और भी खौफनाक मोड़ ले चुकी है. पिछले 24 घंटों में रूसी सेना ने यूक्रेन के ऊर्जा ठिकानों और रिहायशी इलाकों को निशाना बनाकर एक के बाद एक कई बड़े हमले किए हैं. यूक्रेन के चेर्निहाइव इलाके में रूसी हमले ने वहां के पावर प्लांट को बुरी तरह तबाह कर दिया है. इस हमले के बाद करीब 1.5 लाख घरों की बत्ती गुल हो गई है और पूरा इलाका अंधेरे में डूबा हुआ है.
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि उन्होंने रात भर में यूक्रेन की तरफ से आ रहे 389 ड्रोनों को मार गिराया है. दूसरी ओर, यूक्रेनी अधिकारियों का कहना है कि रूस ने सोमवार शाम से अब तक यूक्रेन पर करीब 1,000 लंबी दूरी के ड्रोनों से हमला बोला है. आसमान से बरसती इन मिसाइलों और ड्रोनों ने यूक्रेन के डिफेंस सिस्टम को हिलाकर रख दिया है. सेंट्रल यूक्रेन के विनित्सिया क्षेत्र से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं, जहां रूसी हमले के बाद चारों तरफ मलबे का ढेर लगा हुआ है.
विनित्सिया की गवर्नर नतालिया ज़बोलोत्ना ने इस हमले की पुष्टि करते हुए बताया कि रूसी स्ट्राइक में एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. स्टेट इमरजेंसी सर्विस की ओर से जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि राहत और बचाव टीमें मलबे में दबे लोगों को निकालने की कोशिश कर रही हैं. यह हमला मंगलवार को हुआ, जिसने शहर की बुनियादी सुविधाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है.
अंधेरे में डूब रहा यूक्रेन
रूस अब चुन-चुनकर यूक्रेन के एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है. चेर्निहाइव में पावर ग्रिड पर हुए हमले का मकसद यूक्रेन की सप्लाई लाइन को काटना है. इस भीषण युद्ध के बीच लोग बिना बिजली और पानी के रहने को मजबूर हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि रूस की यह रणनीति यूक्रेन को घुटनों पर लाने की एक कोशिश है, ताकि आने वाले दिनों में उसकी प्रतिरोधक क्षमता को पूरी तरह खत्म किया जा सके. फिलहाल, पूरे यूक्रेन में हाई अलर्ट जारी है.