अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैरेबियाई देश क्यूबा की ऊर्जा नाकेबंदी कर रखी है और कई बार कह चुके हैं कि ईरान के बाद अगला नंबर क्यूबा का है. ट्रंप के टैरिफ के डर से कोई भी देश क्यूबा की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा है लेकिन रूस को अमेरिकी राष्ट्रपति की धमकियों से कोई फर्क नहीं पड़ता. रूस ने हाल ही में भारी ऊर्जा संकट से जूझते क्यूबा को एक तेल टैंकर भेजा था और अब एक बार फिर वो क्यूबा को तेल भेजने की तैयारी में है.
रूस के ऊर्जा मंत्री सर्गेई त्सिविल्योव ने यह जानकारी देते हुए कहा कि क्यूबा पर जारी नाकेबंदी सही नहीं है. उन्होंने कहा कि रूस क्यूबा के साथ खड़ा है.
इससे पहले रूस का एक तेल टैंकर मातांजास बंदरगाह पर पहुंचा था. तेल टैंकर में लगभग 7,30,000 बैरल तेल लदा था जो कि करीब तीन महीनों में क्यूबा को यह पहली ऐसी सप्लाई थी.
समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, कजान में एक ऊर्जा फोरम में बोलते हुए रूसी ऊर्जा मंत्री ने कहा कि रूस क्यूबा को अपनी मदद जारी रखेगा. उन्होंने बताया, 'एक और तेल टैंकर लोड किया जा रहा है और यह जल्द ही क्यूबा के लिए रवाना होगा.'
इससे यह स्पष्ट होता है कि ऊर्जा संकट के दौरान रूस क्यूबा को अकेला नहीं छोड़ेगा.
पहले रूसी तेल टैंकर के क्यूबा पहुंचने पर ट्रंप ने क्या कहा था?
जनवरी के अंत में डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि अमेरिका क्यूबा को तेल निर्यात करने वाले देशों पर टैरिफ लगा सकता है.
हालांकि, बाद में उन्होंने अपना रुख नरम करते हुए कहा कि 31 मार्च को क्यूबा पहुंचे रूसी टैंकर से उन्हें कोई समस्या नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इससे क्यूबा सरकार को कोई बड़ा सहारा मिलेगा.
रूसी तेल टैंकर के क्यूबा भेजने को लेकर रूसी राष्ट्रपति भवन क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा था, 'रूस अपने क्यूबाई मित्रों की मदद करना कर्तव्य मानता है. हमें खुशी है कि पेट्रोलियम उत्पादों की यह खेप द्वीप तक पहुंच गई है.'
अब जब रूस की तरफ से दूसरा तेल टैंकर क्यूबा भेजने की पूरी तैयारी हो चुकी है तो देखना होगा कि डोनाल्ड ट्रंप कैसी प्रतिक्रिया देते हैं.