रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के चीन दौरे से ठीक पहले चीन और रूस के संबंधों को लेकर एक संवेदनशील दावा सामने आया, जिसने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल बढ़ा दी. चीन ने मंगलवार को उन रिपोर्ट्स को खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से निजी बातचीत में कहा था कि व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन पर हमला करने का पछतावा हो सकता है.
दरअसल, ये विवाद उस वक्त शुरू हुआ. जब फाइनेंशियल टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया कि पिछले हफ्ते बीजिंग दौरे पर गए डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत के दौरान शी जिनपिंग ने यूक्रेन युद्ध को लेकर ये टिप्पणी की थी.
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप और शी के बीच रूस-यूक्रेन युद्ध पर चर्चा हुई थी, जिसमें चीनी राष्ट्रपति ने कथित तौर पर पुतिन के फैसले को लेकर निजी राय जाहिर की थी.
'मनगढ़त हैं ये बातें'
इसी रिपोर्ट पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, 'आपके द्वारा बताई गई जानकारी फैक्ट्स से मेल नहीं खाती और ये पूरी तरह से मनगढ़ंत है.'
इसके बाद चीन के विदेश मंत्रालय ने भी एक्स पर इन दावों के झूठा करार देते हुए इस रिपोर्ट को 'पूरी तरह से झूठा' बताया.
ये पूरा मामला इसलिए भी बेहद संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन चीन के दौरे पर हैं. ये उनका 25वां चीन दौरा है, जहां दोनों देश 2001 की मित्रता संधि के 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं.
इस ऐतिहासिक दौरे से पहले पुतिन ने शी जिनपिंग को अपना 'पुराना और अच्छा दोस्त' बताया और कहा कि रूस-चीन संबंध अभूतपूर्व भरोसे तक पहुंच चुका हैं. क्रेमलिन के मुताबिक, बैठक में यूक्रेन और ईरान समेत कई वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी.
ये पूरा कूटनीतिक विवाद ऐसे समय में खड़ा हुआ है, जब रूस और यूक्रेन के बीच चल रहा युद्ध अब अपने चौथे साल में प्रवेश कर चुका है. युद्ध की अग्रिम मोर्चों की लड़ाई काफी हद तक एक गतिरोध में बदल चुकी है, लेकिन रूस ने कीव समेत यूक्रेनी शहरों पर भारी हवाई हमले जारी रखे हैं. दूसरी ओर यूक्रेन ने भी रूसी क्षेत्र के अंदर और मॉस्को के पास स्थित सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने के लिए ड्रोन युद्ध पर अपनी निर्भरता बढ़ा दी है.