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शांति वार्ता से पहले यूक्रेन पर रूस का बड़ा हमला, दागीं 32 बैलिस्टिक मिसाइलें

अबू धाबी में होने वाली शांति वार्ता से ठीक एक दिन पहले रूस ने यूक्रेन पर ड्रोन और मिसाइलों से बड़ा हमला किया है. राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि रूस ने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला रोकने के अपने वादे को तोड़ दिया है, जिससे राजधानी कीव समेत कई इलाकों में भारी तबाही हुई है.

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रूसी ड्रोन हमले में तबाह हुई कारों (Photo: Reuters)
रूसी ड्रोन हमले में तबाह हुई कारों (Photo: Reuters)

रूस ने मंगलवार रात यूक्रेन के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और रिहायशी इलाकों पर सैकड़ों ड्रोन और रिकॉर्ड 32 बैलिस्टिक मिसाइलों से हमला किया. यह हमला संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में बुधवार और गुरुवार को होने वाली शांति वार्ता से ठीक पहले हुआ है. इस बमबारी में करीब 10 लोग घायल हुए हैं और कीव की 1,170 अपार्टमेंट इमारतों की हीटिंग ठप हो गई है. 

यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर ज़ेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन पर हमला रोकने की प्रतिबद्धता तोड़ने का आरोप लगाया है. हमले के दौरान कीव में तापमान माइनस 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया था. NATO के महासचिव मार्क रुट्टे ने इसे शांति वार्ता से पहले रूस का एक 'बुरा संकेत' बताया है. 

रूस ने कुल 450 ड्रोन और 70 मिसाइलों का इस्तेमाल कर यूक्रेन के पांच इलाकों को निशाना बनाया है, जिससे पावर ग्रिड और थर्मल प्लांट को भारी नुकसान पहुंचा है.

एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर वार...

ज़ेलेंस्की का कहना है कि रूस कड़ाके की सर्दियों का फायदा उठाकर आम जनता को डराना चाहता है, जिससे उन्हें पीने का पानी और हीटिंग न मिल सके. कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को के मुताबिक, भारी बमबारी से रिहायशी इमारतों, एक किंडरगार्टन और गैस स्टेशन में आग लग गई. कड़ाके की ठंड के बीच बिजली गुल होने से लाखों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं.

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि पुतिन ने उनके निजी अनुरोध पर 1 फरवरी तक हमले रोकने का वादा निभाया था. हालांकि, ज़ेलेंस्की ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि रूस ने चर्चा के विपरीत जाकर हमला किया है और इसके गंभीर नतीजे होने चाहिए. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि वह चाहते थे कि पुतिन इस ब्रेक को बढ़ाएं, जिससे जंग खत्म हो सके, लेकिन रूस के हवाई हमले जारी हैं.

NATO का समर्थन और शांति वार्ता की चुनौती

नाटो प्रमुख मार्क रुट्टे ने कीव पहुंचकर समर्थन का भरोसा दिया है. उन्होंने बताया कि NATO मेंबर देश यूक्रेन की हवाई सुरक्षा के लिए 90 फीसदी मिसाइलें मुहैया करा रहे हैं. अबू धाबी में होने वाली बातचीत में बड़ा मुद्दा यह है कि रूसी कब्जे वाली जमीन किसके पास रहेगी. ज़ेलेंस्की ने स्पष्ट किया है कि यूक्रेन बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन कोई सरेंडर नहीं करेगा. इस हमले ने वार्ता की सफलता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं.

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