scorecardresearch
 

'वेस्ट बैंक में हथियारबंद इजरायलियों ने हिरासत में लिया', US सांसद रो खन्ना का बड़ा दावा

अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने दावा किया कि वेस्ट बैंक के दौरे के दौरान एक गांव से लौटते समय मशीन गन से लैस कुछ लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया और बाद में आईडीएफ को बुला लिया. खन्ना के अनुसार, आईडीएफ ने अमेरिकियों के बजाय उन लोगों का ही साथ दिया.

Advertisement
X
रो खन्ना के मुताबिक, उनके ग्रुप को अमेरिकी-निर्मित M4 राइफल लिए हुए इजरायली सेटलर्स ने घेर लिया था. (Photo: ITG)
रो खन्ना के मुताबिक, उनके ग्रुप को अमेरिकी-निर्मित M4 राइफल लिए हुए इजरायली सेटलर्स ने घेर लिया था. (Photo: ITG)

अमेरिकी सांसद रो खन्ना ने दावा किया है कि कब्जे वाले वेस्ट बैंक के दौरे के दौरान हथियारबंद इजरायली सेटलर्स ने उन्हें और उनकी टीम को एक घंटे से अधिक समय तक रोके रखा.

कैलिफोर्निया से डेमोक्रेटिक प्रतिनिधि खन्ना ने कहा कि यह घटना बुधवार को तब हुई जब वह दक्षिणी वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी बस्ती खिरबेट जनुता का दौरा कर रहे थे, जहां सेटलर्स के हमले होते रहे हैं.

रो खन्ना के मुताबिक, उनके ग्रुप की गाड़ी को अमेरिकी-निर्मित M4 राइफल लिए हुए इजरायली सेटलर्स ने घेर लिया था. यह घटना तब हुई जब वे एक ऐसे गांव का दौरा करके लौट रहे थे, जिसके बारे में उनका आरोप था कि उसे सेटलर्स ने नष्ट कर दिया था.

यह भी पढ़ें: '1000 मिसाइलों से तबाह कर देंगे', ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने कहा- अब कोई बातचीत नहीं

रॉयटर्स के मुताबिक खन्ना ने बताया, 'हम एक ऐसे गांव में थे जिसे इजरायली सेटलर्स ने नष्ट कर दिया था और ये उपद्रवी मशीन गन लेकर आ गए, उन्होंने सड़क ब्लॉक कर दी और फिर IDF को बुलाया, जिसने अमेरिकियों के बजाय उनका साथ दिया.'

Advertisement

वहीं, रो खन्ना के साथ यात्रा कर रहे उनके सहयोगी कैमरन कास्की ने बताया कि जब उन्हें रोका गया था, तो ग्रुप ने मदद के लिए यरूशलेम में अमेरिकी दूतावास से संपर्क किया था. उन्होंने कहा कि बाद में पुलिस अधिकारी पहुंचे और सेटलर्स को वहां से हटाया, जिससे प्रतिनिधिमंडल को जाने की इजाजत मिल गई.

इजरायली सेना ने पुष्टि की कि खिरबेट जनुता के पास सेटलर्स द्वारा गाड़ियां रोके जाने की खबर मिलने के बाद सैनिक और पुलिस मौके पर पहुंचे थे.

सेना ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों ने सड़क से नागरिकों को हटाया और गाड़ियों को आगे बढ़ने दिया. इजरायली पुलिस ने इस घटना पर तुरंत कोई टिप्पणी नहीं की, जबकि अमेरिकी दूतावास ने अभी तक कोई बयान जारी नहीं किया है.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement