पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी क्वेटा में रविवार को एक बड़ा आतंकी हमला हुआ. एक सैन्य शटल ट्रेन को निशाना बनाया गया जिसमें 24 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई और 70 से ज्यादा लोग जख्मी हो गए. प्रतिबंधित संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी यानी BLA ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.
यह ट्रेन क्वेटा कैंटोनमेंट से शहर के रेलवे स्टेशन की तरफ जा रही थी. चमन फाटक के पास इस ट्रेन पर जोरदार धमाका हुआ. चश्मदीदों ने बताया कि एक विस्फोटक से भरी मिनीवैन आकर ट्रेन से टकरा गई, जिसके बाद यह धमाका हुआ.
इस धमाके की आवाज और ताकत इतनी ज्यादा थी कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए और पास खड़ी गाड़ियों के शीशे भी चकनाचूर हो गए. रेलवे मंत्री हनीफ अब्बासी ने बताया कि धमाके से ट्रेन का इंजन और तीन डिब्बे बुरी तरह प्रभावित हुए.
ट्रेन में कौन-कौन था सवार?
BLA के बयान के मुताबिक इस ट्रेन में 165 सैनिक, 11 JCO यानी जूनियर कमीशंड ऑफिसर, 109 नए भर्ती हुए सैनिक और 37 परिवार के सदस्य सवार थे.
पाकिस्तान के रेलवे मंत्री ने यह भी माना कि ट्रेन में आम नागरिक यात्री भी मौजूद थे. एक बड़ी तादाद में ऐसे यात्री भी थे जो आने वाले बकरीद त्योहार पर घर जाने के लिए आगे की ट्रेनें पकड़ने का इंतजार कर रहे थे.
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BLA ने किसे बताया हमलावर?
BLA ने बताया कि यह एक आत्मघाती हमला था और हमलावर का नाम बिलाल शाहवानी उर्फ सैन था. संगठन के मुताबिक 25 साल के बिलाल शाहवानी क्वेटा के सरियाब इलाके के रहने वाले थे.

उन्होंने 2020 में बलोच प्रतिरोध आंदोलन में हिस्सा लिया और 2022 में अपनी सैन्य काबिलियत और अनुशासन की वजह से BLA की आत्मघाती टुकड़ी मजीद ब्रिगेड का हिस्सा बन गए. BLA का दावा है कि वे दश्त, कोंबिला, क्वेटा और कलात में कई गुरिल्ला ऑपरेशन चला चुके थे और इससे पहले 'ऑपरेशन हीरोफ-1' और 'ऑपरेशन हीरोफ-2' में भी अहम भूमिका निभा चुके थे.
BLA ने यह भी दावा किया कि इस हमले ने उनकी खुफिया शाखा 'जर्ब' की ताकत को साबित किया. संगठन ने कहा कि उनका सशस्त्र संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक बलूचिस्तान को 'पूरी आजादी' नहीं मिल जाती.