ईरान जंग और वैश्विक हालात पर दिए गए बयानों को लेकर पोप लियो और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच चल रहे विवाद में अब नया मोड़ आ गया है. पोप लियो ने साफ शब्दों में कहा है कि वो ट्रंप के साथ किसी तरह की बहस या टकराव नहीं चाहते और उनके बयान को सही तरह से समझा नहीं गया.
अफ्रीका दौरे के दौरान शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए पोप लियो ने कहा कि उनके पहले दिए गए बयान को मीडिया ने पूरी तरह सही तरीके से पेश नहीं किया. उन्होंने कहा कि दुनिया "कुछ ताकतवर लोगों" के कारण परेशान हो रही है, लेकिन यह बयान खास तौर पर ट्रंप को निशाना बनाकर नहीं दिया गया था.
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पोप ने यह भी बताया कि उनका वह भाषण पहले से तैयार था, यानी ट्रंप के हालिया बयानों से पहले स्पीच तैयार की गई थी. ऐसे में इसे सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति से जोड़ना सही नहीं है. उन्होंने साफ कहा, "ऐसा दिखाया गया जैसे मैं राष्ट्रपति से बहस करना चाहता हूं, जबकि मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है."
दरअसल, पिछले कुछ दिनों से पोप लियो लगातार जंग, असमानता और वैश्विक नेतृत्व पर सख्त टिप्पणी कर रहे हैं. खासकर अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष को लेकर उन्होंने कई बार चिंता जताई है. इसी को लेकर उनके बयान चर्चा में आ गए थे.
वहीं दूसरी तरफ ट्रंप ने भी जवाब देने में देर नहीं लगाई. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोप लियो को "क्राइम पर कमजोर" और "फॉरेन पॉलिसी में खराब" तक कह दिया था. इतना ही नहीं, ट्रंप ने खुद की एक एआई-जनरेटेड तस्वीर भी पोस्ट की, जिसमें वह जीसस जैसी छवि में नजर आए. इस पोस्ट को लेकर उनके समर्थकों के बीच भी आलोचना हुई और बाद में इसे हटा लिया गया.
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इस पूरे विवाद में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बीच का रास्ता अपनाया. उन्होंने पोप के नए बयान का स्वागत किया और कहा कि अक्सर मीडिया विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाता है, जबकि असल स्थिति इससे ज्यादा जटिल होती है. सोमवार को पोप लियो ने साफ कर दिया कि वह जंग के खिलाफ बोलते रहेंगे, चाहे किसी को अच्छा लगे या नहीं. वहीं ट्रंप ने भी अपने रुख में कोई बदलाव नहीं दिखाया और आलोचना जारी रखी.
पोप लियो का यह अफ्रीका दौरा काफी अहम माना जा रहा है. वह चार देशों के 11 शहरों में जा रहे हैं और करीब 18 हजार किलोमीटर की यात्रा कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने अपने बयानों में पहले से ज्यादा खुलकर अपनी बात रखी है, चाहे वह युद्ध हो, गरीबी हो या दुनिया के बड़े नेताओं की नीतियां. यानी दोनों के बीच सीधी बहस भले न हो, लेकिन बयानबाजी का दौर फिलहाल थमता नजर नहीं आ रहा.