फ्रांस की राजधानी पेरिस में PSG की रोमांचक पेनल्टी शूटआउट जीत का जश्न मनाते हुए कुछ इलाकों में उपद्रव और हिंसा की घटनाओं की जानकारी सामने आई है. हिंसा को रोकने के लिए पेरिस में ट्राम लाइनें रोक दी गईं, कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए और बस यातायात को भी कुछ जगहों पर रोका गया है. पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 70 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया है.
पुलिस ने बताया कि पिछले साल PSG की जीत के बाद हुए उपद्रव को देखते हुए इस बार सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. पेरिस में ट्राम लाइनों, कई मेट्रो स्टेशनों और बस यातायात को पूरी तरह रोक दिया गया था. इसके बावजूद चैंप्स-एलिसीज एवेन्यू पर करीब 20,000 लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने पुलिस पर पटाखे और जलती हुई फ्लेयर्स फेंकी. जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और 79 लोगों को हिरासत में लिया, जिनमें से 45 को पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है.
पेरिस में आठ हजार पुलिसकर्मी तैनात
पुलिस ने बताया कि गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के निर्देश पर पूरे फ्रांस में 22,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था, जिनमें से 8,000 पुलिसकर्मी पेरिस में तैनात किए गए थे.
पुलिस ने बताया कि पेनल्टी शूटआउट में मिली नाटकीय जीत का जश्न मनाते हुए प्रशंसकों की भीड़ शहर के प्रतिष्ठित चैंप्स-एलिसी एवेन्यू पर जमा हो गई.
प्रिसेंस स्टेडियम के बाहर हंगामा
पेरिस पुलिस के मुताबिक, मैच के दौरान पार्क डेस प्रिंसेस स्टेडियम के बाहर भारी हंगामा हुआ. 4,000 से 5,000 लोगों ने अधिकारियों पर पथराव किया, जिसमें एक पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल हो गया है. करीब 150 हुड़दंगियों ने जबरन एक गेट से अंदर घुसने की कोशिश की, जिसे सुरक्षाबलों ने नाकाम कर दिया. इस बवाल में स्टेडियम के पास स्थित एक बेकरी और एक रेस्टोरेंट को भारी नुकसान पहुंचा है.
पुलिस ने जब्त किए पटाखे
पुलिस ने शनिवार को कार्रवाई करते हुए उपद्रवियों के पास से दो दर्जन फ्लेयर्स और करीब 100 पटाखे जब्त किए थे. इस बीच उपद्रवियों ने चैंप्स-एलिसीज एवेन्यू के पास एक बस शेल्टर को पूरी तरह तबाह कर दिया और किराए की साइकिलों (रेंटल बाइक्स) से पुलिस को रोकने के लिए बैरिकेड्स बनाने की कोशिश की, जिसे पुलिस ने हटा दिया.
इस हिंसा में छह वाहनों और दो व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को नुकसान हुआ है. पुलिस प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि हमारी जवाबदेही सभी के लिए पूरी तरह सुरक्षित और शांत उत्सव की गारंटी देना है, जिसके लिए एक बेहद मजबूत और ठोस सुरक्षा सिस्टम लागू कर दिया गया है.
पिछले साल पीएसजी की जीत के बाद युवाओं ने चैंप्स-एलिसीज और अन्य सड़कों पर दुकानों को पूरी तरह लूट लिया था, जिसके बाद सैकड़ों गिरफ्तारियां हुई थीं. इस साल उस इतिहास को दोहराने से रोकने के लिए दुकानदारों ने मैच से पहले ही अपनी खिड़कियों और दरवाजों पर लकड़ी के बोर्ड लगा दिए थे.