"पाकिस्तान और इजरायल के दरम्यान एक मुल्क रह गया था. वो था ईरान. उसके बाद इराक तक तो वो हैं. इराक तक तो उनके अड्डे भी हैं. बाकी रह गया ईरान. और अब आप, आपकी अगली बारी है. आप माने ना माने ये रिकॉर्ड पर आपको मैं कह रहा हूं. हर लिहाज से आपकी बारी है. "
पाकिस्तान की संसद में ये बयान देकर पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के सांसद अब्दुल कादिर पटेल ने सनसनी मचा दी है. पीपीपी पाकिस्तान की वर्तमान सरकार में शामिल है. लेकिन कैबिनेट में नहीं इस पार्टी का कोई मंत्री नहीं है.
सांसद अब्दुल कादिर ने अली खामेनेई को शहीद करार दिया और पाकिस्तान की विदेश नीति का पाकिस्तान की संसद में ही मखौल उड़ाया.
पाकिस्तान से न हो पाएगा
सांसद अब्दुल कादिर ने पाकिस्तान की संसद में कहा, "अभी मैं सोशल मीडिया पर एक मीम देख रहा था. उसमें एक बूढ़ा शख्स कह रहा है कि पाकिस्तान ने पहले ईरान को फोन किया और कहा हम आपके साथ खड़े हैं. और फिर पाकिस्तान ने सऊदी अरब को फोन किया और कहा कि हम आपके साथ खड़े हैं. तो ईरान और सऊदी अरब ने एक दूसरे को फोन किया और पाकिस्तान को कहा कि भाई आप बैठ जाओ. आप बैठ जाओ सर."
Pakistan National Assembly member, Abdul Qadir Patel, has accurately described Pakistan’s approach to dealing with the ongoing war between Iran and the Gulf states: pic.twitter.com/ydyZKz4P1t
— Sangar Paykhar - سنګر پیکار (@paykhar) March 5, 2026
अब्दुल कादिर ने कहा कि, "ये ट्रीटीज, ये चमचागिरियां, ये आपको नहीं बचा सकेगी. अब्दुल कादिर ने कहा कि इराक के पास कौन सा केमिकल वेपन बरामद हुआ था जो इराक को तबाह करके अपने पपेट्स बिठाए गए. वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति मादुरो का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इजरायल और अमेरिका पर खुली तनकीद की थी तो उसको घर से अगवा कर लिया गया."
ईरान बहाना है, पाकिस्तान निशाना है
पाकिस्तान के एक दूसरे सांसद अली मुहम्मद खान ने भी कहा कि ईरान बहाना है, पाकिस्तान निशाना है. अली मुहम्मद खान ने पाकिस्तान की संसद में कहा कि वतन की फिक्र कर नादां, मुसीबत आने वाली है. तेरी बर्बादियों के मशवरे हैं आसमानों में."
उन्होंने कहा कि, "आप क्या समझते हैं कि क्या सिर्फ ईरान निशाना है? ईरान बहाना है, पाकिस्तान निशाना है. आज से बहुत साल पहले इजरायल ही के वज़ीरे आजम डेविड गोरियन ने पेरिस में ये बात की थी. पिछले दिनों हमारे अपोजिशन लीडर अचकजई साहब ने भी उनका जिक्र किया तो मैं गोरियन के उस बयान का सही हवाला यहां दे दूं."
पाकिस्तानी सांसद ने कहा कि इजरायली पीएम ने पेरिस की एक यूनिवर्सिटी में कहा था कि पाकिस्तान हमारा नजरियाती जवाब है और ये दोस्त मुल्क भारत को तोड़ के बनाया गया. अल्टीमेटली खुदा ना खास्ता अगर ईरान को नुकसान पहुंचता है तो ये नुकसान फिर पाकिस्तान का होगा.
ईरान पर हमले का पाकिस्तान में विरोध
28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजरायल के हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की हत्या की खबर से पाकिस्तान में शिया समुदाय के नेतृत्व में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन भड़क उठे. मुख्य रूप से कराची, गिलगित-बाल्टिस्तान (गिलगित, स्कर्दू), इस्लामाबाद, लाहौर और पेशावर में प्रदर्शन हुए. कराची में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी काउंसलेट पर हमला कर दीवारें तोड़ दी, आग लगाई और गोलीबारी की.
सुरक्षा बलों और अमेरिकी मरीन ने जवाबी कार्रवाई में कम से कम 10 लोगों को मार गिराया. यहां लगभग 90 लोग घायल हो गए. गिलगित-बाल्टिस्तान में यूएन कार्यालयों पर हमला हुआ और आगजनी हुई, यहां भी 12-14 मौतें हुईं. इस्लामाबाद में 2-3 मौतें हुईं. कुल मिलाकर पाकिस्तान में 35 लोगं की मौत प्रदर्शनों में हो गई. पाकिस्तान में इस हमले को लेकर भावुक प्रतिक्रिया दी है.
सरकार ने गिलगित-स्कर्दू में 3 दिन का कर्फ्यू लगाया और फौज तैनात की. शिया मौलवियों ने शोक और आगे प्रदर्शनों की घोषणा की.