महाराष्ट्र के ठाणे जिले में साइबर अपराधियों ने एक 57 साल के बुजुर्ग को अपना शिकार बनाया है. ठगों ने बुजुर्ग के बैंक खाते से धोखे से 9 लाख 8 हजार रुपये निकाल लिए. पुलिस के मुताबिक, यह घटना 19 मई से 1 जून के बीच की है. न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पीड़ित व्यक्ति कल्याण के रहने वाले हैं. उन्होंने अपना गैस का बिल पहले ही ऑनलाइन जमा कर दिया था. इसके बाद भी उनके फोन पर एक फर्जी मैसेज आया.
ठगों के द्वारा भेजे गए मैसेज में लिखा था कि उनका बिल अभी तक जमा नहीं हुआ है. मैसेज के साथ एक APK लिंक भी था. APK (एंड्रॉइड पैकेज किट) वह फाइल फॉर्मेट है जिसका इस्तेमाल एंड्रॉयड फोन में ऐप इंस्टॉल करने के लिए किया जाता है.
बुजुर्ग ने जैसे ही लिंक को क्लिक किया, उनके फोन में गैस बिल नाम का एक नकली ऐप डाउनलोड हो गया.
पल भर में ठगी...
लिंक पर क्लिक करने के बाद फोन में डेबिट कार्ड, नेट बैंकिंग या क्रेडिट कार्ड के जरिए सिर्फ 12 रुपये का छोटा सा भुगतान करने को कहा गया. जब उन्होंने पैसे भेजने की कोशिश की, तो वह फेल हो गया. इसके बाद ठग ने उनसे फोन की कुछ सेटिंग्स बदलने के लिए कहा. पीड़ित ने जैसे ही अपने फोन की सेटिंग्स बदलीं, ठगों को उनके पूरे मोबाइल फोन का कंट्रोल मिल गया.
इसके तुरंत बाद फोन में कुछ गड़बड़ी देखकर उन्होंने कॉल को काट दिया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. कुछ ही देर में तीन अलग-अलग ट्रांजेक्शन से उनके बैंक खाते से 9.08 लाख रुपये कट गए. अधिकारी ने बताया कि खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और पुलिस आगे की जांच कर रही है.