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अब चीन ने भी छोड़ा पाकिस्तान का साथ, बोला- हमें नहीं कटवानी अपनी नाक

पाकिस्तान को उन देशों की सूची में डालने की बात हो रही है, जिन पर आतंकवाद पर लगाम लगाने के मामले में नजर रखी जानी है. इसी आधार पर इन देशों को आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए वित्तीय मदद दी जाती है. अमेरिका लगातार पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की 'ग्रे लिस्ट' में डालने की मांग कर रहा है.

बीजिंग में ग्रेट हॉल ऑफ पीपल के सामने पाकिस्तानी झंडा फहराते अधिकारी बीजिंग में ग्रेट हॉल ऑफ पीपल के सामने पाकिस्तानी झंडा फहराते अधिकारी

आतंकवाद के मामले पर पाकिस्तान को अपने दोस्त देश चीन का साथ भी नहीं मिल रहा है. चीन ने पाकिस्तान से साफ कह दिया है कि अब वह आतंकवाद के मामले पर उसका साथ नहीं दे सकता है.

पाकिस्तान को उन देशों की सूची में डालने की बात हो रही है, जिन पर आतंकवाद पर लगाम लगाने के मामले में नजर रखी जानी है. इसी आधार पर इन देशों को आतंकवाद पर लगाम लगाने के लिए वित्तीय मदद दी जाती है. अमेरिका लगातार पाकिस्तान को फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की 'ग्रे लिस्ट' में डालने की मांग कर रहा है.

पाकिस्तानी अखबार डॉन में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने पाकिस्तान से कहा है कि वह इस मामले में उसका साथ नहीं दे सकता, क्योंकि इससे उसकी भी बदनामी होनी तय है. चीन को लग रहा है कि उसकी कोशिशों के बावजूद अब पाकिस्तान को इस लिस्ट में डालने से नहीं रोका जा सकता है. अमेरिका ने पिछले हफ्ते ही FATF के सदस्य देशों पर पाकिस्तान को इस लिस्ट में डालने का दबाव बनाया था.

इससे पहले पाकिस्तान 2015 तक इस लिस्ट में शामिल था. रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने पहले पाकिस्तान को इस लिस्ट में डालने का विरोध किया था, फिर वह पीछे हट गया.

बताया जा रहा है कि अमेरिका ने इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभाई है और पाकिस्तान इसे लेकर उससे नाराज भी है. दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय से अच्छे संबंध नहीं चल रहे हैं. दिसंबर 2017 में अमेरिका ने पाकिस्तान को दी जाने वाली बड़ी सैन्य मदद भी रोकने का फैसला किया था.

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