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आतंकियों के हाथ में जश्न की कमान: ऑपरेशन सिंदूर की बरसी पर पाकिस्तान का ढोंगी खेल, सेना और लश्कर एक ही पोस्टर पर!

ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर पाकिस्तान में जश्न मनाने के ऐलान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है. इस पूरे मामले में कुछ तस्वीरें और प्रेस कॉन्फ्रेंस चर्चा में हैं, जिनके आधार पर सेना और कुछ संगठनों के बीच संबंधों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।.

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पाकिस्तान में 10 मई को जश्न का ऐलान किया गया है (Photo: ITG)
पाकिस्तान में 10 मई को जश्न का ऐलान किया गया है (Photo: ITG)

ऑपरेशन सिंदूर को एक साल पूरा होने वाला है. पहलगाम हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह किया था. अब एक साल बाद पाकिस्तान में एक बड़ा और चौंकाने वाला खेल हो रहा है. पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर और प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने 10 मई को "जीत का जश्न" मनाने का ऐलान किया है. 

लेकिन इस जश्न की कमान किसके हाथों में दी गई है? लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों के हाथों में. और इस पूरे मामले में एक पोस्टर सामने आया है जो पाकिस्तानी सेना और आतंकियों की सांठगांठ को सीधे बेनकाब कर देता है.

पाकिस्तान तो पाकिस्तान है. उस वक्त भी पाकिस्तानी सेना और सरकार ने अपनी जनता को यह नहीं बताया कि वो बुरी तरह पिटे. उल्टा जीत का जश्न मनाया गया और झूठी कहानियां फैलाई गईं. और अब एक साल बाद फिर वही खेल हो रहा है. असीम मुनीर और शाहबाज शरीफ ने 10 मई को पाकिस्तान भर में जीत का जश्न मनाने का ऐलान किया है.

जश्न की जिम्मेदारी आतंकियों को दी गई

सबसे बड़ा खुलासा: जश्न की कमान आतंकियों को

यहीं से मामला बहुत गंभीर हो जाता है. पाकिस्तान सरकार और सेना ने इस जश्न की जिम्मेदारी किसे दी? लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों को. लश्कर के आतंकियों ने पाकिस्तान के अलग-अलग शहरों में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके 10 मई के जश्न का ऐलान किया. इसमें लश्कर-ए-तैयबा की महिला विंग यानी मुस्लिम वूमेन विंग की आतंकी महिलाएं भी शामिल हैं.

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प्रेस कॉन्फ्रेंस में कौन-कौन से आतंकी दिखे?

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में लश्कर-ए-तैयबा के कई बड़े आतंकी नजर आए. सैफुल्ला कसूरी, हाफिज अब्दुल रऊफ और खालिद मसूद जैसे लश्कर के टॉप आतंकी इसमें मौजूद थे. और इन्हीं के बीच में एक और नाम था जो बेहद चौंकाने वाला है. खालिस्तानी आतंकी गोपाल सिंह चावला भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद था. यानी भारत विरोधी सभी ताकतें एक मंच पर इकट्ठा थीं.

हाफिज अब्दुल रऊफ कौन है?

हाफिज अब्दुल रऊफ वही आतंकी है जो ऑपरेशन सिंदूर में मारे गए आतंकियों की नमाज-ए-जनाजा यानी अंतिम संस्कार की नमाज पढ़ा रहा था और उस वक्त पाकिस्तानी सेना के अफसर वहां मौजूद थे. अमेरिका ने इसे घोषित आतंकी करार दिया हुआ है. लेकिन पाकिस्तान में यह खुलेआम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है.

10 मई को पाकिस्तान में इस जश्न का आयोजन किया जाएगा

वो पोस्टर जो सब कुछ बता देता है

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में आतंकियों के पीछे एक पोस्टर लगा था जो पाकिस्तानी सेना और आतंकियों के रिश्ते को साफ-साफ दिखाता है. पोस्टर के एक तरफ पाकिस्तानी सेना के फील्ड मार्शल असीम मुनीर समेत पाक सेना के अधिकारियों की तस्वीरें हैं. और उसी पोस्टर के दूसरी तरफ लश्कर के टॉप आतंकी सैफुल्ला कसूरी और हाफिज अब्दुल रऊफ की तस्वीरें हैं. यानी एक ही पोस्टर पर पाकिस्तानी सेना के अफसर और आतंकी साथ-साथ.

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