नेपाल में प्रधानमंत्री बालेन शाह की सरकार से जनता के असंतोष के बीच बड़ी खबर है. नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने पद से इस्तीफा दे दिया है.
गुरुंग पर आय से अधिक संपत्ति से लेकर मनी लॉन्ड्रिंग तक कई तरह के आरोप लगे हैं. उन पर विवादित कारोबारी से जुड़ी कंपनियों के शेयर खरीदने के भी आरोप हैं. गुरुंग ने अपना इस्तीफा पीएम बालेन शाह को सौंप दिया है. उन्होंने इस्तीफे की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए दी.
बता दें कि नेपाल के पीएम बालेन शाह ने नियुक्त होते ही उसी दिन मंत्रिपरिषद का गठन किया था और गुरुंग को गृहमंत्री नियुक्त किया था. पद संभालते ही कई उच्च कर्मचारियों की गिरफ्तारी कर चर्चा में आए गुरुंग हाल के दिनों में लगातार आलोचनाओं के केंद्र में रहे हैं.
सुदन गुरुंग ने पोस्ट कर कहा कि मैं गृहमंत्री के रूप में ईमानदारीपूर्वक कार्य करता आ रहा हूं. हाल के दिनों में मेरे शेयर आदि विषयों पर उठे प्रश्नों, टिप्पणियों और जनचिंताओं को मैंने गंभीरता से लिया है. मेरे लिए पद से बड़ी चीज नैतिकता है और जनविश्वास से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती. आज देश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए उठ रहा Gen-Z आंदोलन भी यही संदेश देता है कि सार्वजनिक जीवन स्वच्छ होना चाहिए और नेतृत्व उत्तरदायी होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि मेरे 46 भाइयों-बहनों के रक्त और बलिदान के आधार पर बनी सरकार पर अगर कोई सवाल उठाता है तो उसका उत्तर नैतिकता ही होना चाहिए इसलिए, मुझसे संबंधित विषयों पर निष्पक्ष जांच हो और पद पर रहते हुए किसी प्रकार का कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंटरेस्ट ना दिखे. इसका जांच पर कोई प्रभाव न पड़े. इस उद्देश्य से मैंने आज से लागू होने वाले प्रभाव के साथ गृहमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. मैंने अपनी ओर से नैतिक जिम्मेदारी निभाई है. अब मेरा अनुरोध पत्रकार मित्रों, आम नेपाली भाइयों-बहनों और युवाओं से है. अगर हम सच में बदलाव चाहते हैं, तो हमें सत्य, ईमानदारी और आत्मशुद्धि के मार्ग पर खड़ा होना होगा. कुछ मीडियाकर्मियों के पास कहां-कहां‘स्वीट शेयर’ हैं, यह भी धीरे-धीरे सामने आएगा। जो लोग रामराज्य की कामना रखते हैं, उन्हें त्याग और नैतिक साहस भी दिखाना होगा. मेरे देश के लिए, हमारी सुरक्षाबलों के सम्मान के लिए और नेपाल के युवाओं के लिए मैं इस्तीफा दे रहा हूं.
नेपाल की बालेन शाह सरकार लगातार विवादों में हैं. बालेन शाह को अभी सत्ता संभाले एक महीना भी नहीं हुआ लेकिन उनके खिलाफ जनता में असंतोष बढ़ना शुरू हो गया है. काठमांडू समेत कई शहरों में छात्र, राजनीतिक दल और आम लोग सड़कों पर उतरकर प्रोटेस्ट कर रहे हैं. नेपाल सरकार ने भारत से आने वाले सामान पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी है. नेपाल सरकार ने 100 रुपये से ज्यादा कीमत वाले सामान पर शुल्क लगा दिया है. इससे रोजमर्रा के सामान की कीमतें प्रभावित हो रही हैं.