नेपाल में नई सरकार चुनने के लिए मतदान प्रक्रिया अब पूरी तरह खत्म हो गई है. कुल मिलाकर देश भर में करीब 60% मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है. लगभग 1 करोड़ 90 लाख लोग वोट डाल चुके हैं, जिसमें युवाओं की बढ़ती भागीदारी ने चुनाव को और भी दिलचस्प बना दिया है. नेपाल चुनाव आयोग के मुताबिक, देश के ज्यादातर हिस्सों में मतदान शांतिपूर्ण रहा. अब वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है और देर रात से कुछ शुरुआती रुझान भी सामने आने लगे हैं.
दुर्गम इलाकों में चुनौतियां
हिमालयी और दूरदराज के इलाकों से मतपेटियों को सुरक्षित तरीके से जिला मुख्यालय लाया जा रहा है. इन क्षेत्रों में मतगणना थोड़ी देर बाद शुरू होगी. उम्मीद है कि कल तक सभी मतपेटियां पहुंच जाएंगी और वहां भी वोटों की गिनती पूरी हो जाएगी.
भारत ने नेपाल में लोकतंत्र की जीत का किया स्वागत
नेपाल में मतदान संपन्न होने और वोटों की गिनती शुरू होने के बीच भारत ने इस पूरी प्रक्रिया का जोरदार स्वागत किया है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इसे 'लोकतांत्रिक प्रक्रिया की महत्वपूर्ण उपलब्धि' बताया. भारत ने न केवल नेपाल में चुनाव के सफल आयोजन की सराहना की, बल्कि वहां के नागरिकों द्वारा अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के उत्साहपूर्ण इस्तेमाल को भी सराहा.
भारत ने नेपाल की प्रधानमंत्री सुशीला कार्की, वहां की सरकार और जनता को इन चुनावों के सफल आयोजन के लिए बधाई दी है. विदेश मंत्रालय ने इस बात पर खास जोर दिया कि पिछले साल की असाधारण परिस्थितियों के बावजूद ये चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए गए, जो नेपाल के लोकतंत्र की मजबूती को दर्शाता है.
रणधीर जायसवाल ने साफ किया कि भारत हमेशा से नेपाल में शांति, प्रगति और स्थिरता का समर्थक रहा है. इसी दोस्ती को निभाते हुए, नेपाल सरकार के अनुरोध पर भारत ने इन चुनावों के लिए जरूरी सामान भी उपलब्ध कराई थी. भारत ने उम्मीद जताई है कि युवाओं की यह बढ़ती भागीदारी नेपाल में लोकतंत्र को और भी गहरा और मजबूत बनाएगी.
ओखलढुंगा में झड़प और 13 राउंड फायरिंग
वोटिंग के दौरान लुंबिनी प्रदेश के ओखलढुंगा जिले से हिंसा की खबर आई. यहां एक पोलिंग बूथ पर दो गुटों के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए सेना को मोर्चा संभालना पड़ा. तनाव इतना बढ़ा कि सुरक्षाबलों को 13 राउंड फायरिंग करनी पड़ी, जिसमें एक व्यक्ति घायल हो गया. इस घटना की वजह से संबंधित बूथ पर कुछ देर के लिए मतदान रोकना पड़ा था.
अस्पताल न बनने पर 701 वोटरों ने किया बहिष्कार
लोकतंत्र के इस उत्सव के बीच नाराजगी की एक तस्वीर भी सामने आई. ओखलढुंगा जिले की ही मानेभंज्यांग ग्राम पंचायत में ग्रामीणों ने वोटिंग का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया. इस वार्ड में कुल 701 रजिस्टर्ड वोटर थे, लेकिन अस्पताल का भवन न बनने से नाराज लोगों ने एक भी वोट नहीं डाला. जिलाधिकारी मेखबहादुर मंग्राती ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि लोगों ने विरोध स्वरूप वोट डालने से मना कर दिया.
मुख्य चुनाव आयुक्त ने जताया संतोष
नेपाल के मुख्य चुनाव आयुक्त राम प्रसाद भंडारी ने बताया कि कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें, तो देश भर में माहौल उत्साहपूर्ण और शांतिपूर्ण रहा. उन्होंने मतदाताओं की भारी भागीदारी की सराहना करते हुए इसे सफल चुनाव बताया. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अंतिम आंकड़े आने में अभी थोड़ा समय लग सकता है.