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US ने ईरान के साथ सीजफायर बढ़ाने पर कोई बात नहीं की: व्हाइट हाउस

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच सीजफायर बढ़ाने की खबरों को व्हाइट हाउस ने खारिज कर दिया है. व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने कहा कि कोई औपचारिक अनुरोध नहीं किया गया है.

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व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग में बयान जारी किया. (Photo: Reuters)
व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग में बयान जारी किया. (Photo: Reuters)

अमेरिका और ईरान तनाव के बीच सीजफायर को लेकर तरह-तरह अटकलें सामने आ रही हैं. मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि सीजफायर की डेडलाइन बढ़ाई जा सकती है. इसी बीच, व्हाइट हाउस ने इन दावों को साफ तौर पर खारिज कर दिया है. बुधवार को व्हाइट हाउस ने कहा कि ऐसी रिपोर्टें सही नहीं हैं, जिनमें दावा किया गया था कि वॉशिंगटन ने औपचारिक रूप से ईरान के साथ जारी सीजफायर को बढ़ाने की मांग की है.

व्हाइट हाउस की प्रेस सेक्रेटरी कैरोलिन लेविट ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा, "मैंने सुबह कुछ गलत रिपोर्टिंग देखी, जिसमें यह कहा गया था कि अमेरिका ने सीजफायर बढ़ाने का अनुरोध किया है. फिलहाल ऐसी कोई आधिकारिक मांग नहीं की गई है." लेविट ने कहा कि अमेरिका मौजूदा माध्यमों के ज़रिए ईरान के साथ बातचीत में लगा हुआ है. सीनियर लेवल पर चर्चाएं जारी हैं. 

इस बयान के बाद यह साफ हो गया है कि सीजफायर को लेकर अभी तक अमेरिका की तरफ से कोई औपचारिक पहल नहीं हुई है. हालांकि, मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच इस मुद्दे पर दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं. 

व्हाइट हाउस प्रेस सेक्रेटरी ने कहा, "हम इन बातचीत और चर्चाओं में पूरी तरह से शामिल हैं. आपने इस हफ़्ते सीधे उपराष्ट्रपति और राष्ट्रपति से सुना होगा कि ये बातचीत काफ़ी सार्थक हैं और अभी भी जारी हैं. फ़िलहाल हम इसी स्थिति में हैं."

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संभावित सीधी बातचीत की रिपोर्टों पर बात करते हुए, उन्होंने कहा कि आमने-सामने की मुलाकातों पर चर्चा चल रही है, लेकिन अभी तक कुछ भी तय नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, "उन चर्चाओं पर बात हो रही है, लेकिन जब तक आप व्हाइट हाउस में हमसे सीधे न सुनें, तब तक कुछ भी आधिकारिक नहीं है."

कूटनीतिक सफलता की संभावनाओं पर, उन्होंने सावधानी भरा लेकिन उम्मीद भरा रुख अपनाया. उन्होंने कहा, "हमें किसी समझौते की संभावनाओं को लेकर अच्छा लग रहा है. राष्ट्रपति की मांगों को पूरा करना ईरान के ही सबसे बड़े हित में है. राष्ट्रपति ट्रंप ने चल रही बातचीत में रेड लाइन्स (सीमाएं) साफ़ तौर पर तय कर दी हैं."

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