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गिरफ्तारी के अगले दिन बिगड़ी केपी शर्मा ओली की तबीयत, दिल की धड़कन बढ़ने के बाद अस्पताल में भर्ती

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की तबीयत रविवार को अचानक बिगड़ गई. उन्हें दिल की धड़कन बढ़ने की शिकायत के बाद त्रिभुवन अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ओली को नेपाल Gen-Z आंदोलन के दौरान हुई मौतों के सिलसिले में शनिवार को गिरफ्तार किया गया था.

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नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को Gen-Z प्रोटेस्ट के दौरान हुई मौतों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया. (Photo: PTI)
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को Gen-Z प्रोटेस्ट के दौरान हुई मौतों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया. (Photo: PTI)

नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को दिल की धड़कन तेज होने (Palpitations) की शिकायत के बाद त्रिभुवन यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर रख रही है. इस बीच त्रिभुवन हॉस्पिटल ने एक बयान में कहा कि ओली का अतीत में किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है. उन्हें हाइड्रोनेफ्रोसिस, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हाइपोथायरॉयडिज्म, एट्रियल फिब्रिलेशन (APC के साथ) और गालस्टोन जैसी कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं. 

बता दें कि नेपाल में पिछले साल 9 सितंबर को GEN-Z प्रोटेस्ट के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हुई प्रदर्शनकारियों की मौतों के मामले में शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को गिरफ्तार किया गया था. बालेन शाह के प्रधानमंत्री बनने के 24 घंटे के अंदर यह कार्रवाई हुई है. काठमांडू जिला अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक को पूछताछ के लिए 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. जिला अदालत के न्यायाधीश आनंद प्रसाद श्रेष्ठ ने रविवार को यह आदेश दिया. पुलिस ने दोनों की 10 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल 5 दिन की अनुमति दी है.

क्या है पूरा मामला?

यह मामला GEN-Z प्रोटेस्ट के दौरान हुए दमनकारी कार्रवाई से जुड़ा है. उस समय केपी शर्मा ओली प्रधानमंत्री थे, जबकि रमेश लेखक गृहमंत्री के पद पर थे. आंदोलन के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई को लेकर गंभीर सवाल उठे थे और मानवाधिकार उल्लंघन, अत्यधिक बल प्रयोग के आरोप लग थे. इन आरोपों की जांच के लिए सुशीला कार्की के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने एक आयोग का गठन किया था, जिसने अपनी रिपोर्ट में ओली और लेखक समेत कई अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की सिफारिश की. इसी सिफारिश के आधार पर गिरफ्तारी वारंट जारी किए गए और शनिवार सुबह दोनों नेताओं को हिरासत में ले लिया गया.

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अदालत में रविवार को पेशी के दौरान रमेश लेखक खुद उपस्थित हुए, जबकि स्वास्थ्य कारणों से केपी शर्मा ओली अस्पताल से वर्चुअली पेश हुए. अदालत ने दोनों को पुलिस हिरासत में भेजते हुए जांच एजेंसियों को पूछताछ जारी रखने की अनुमति दी है. ओली नेपाल की राजनीति के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं और नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (UML) के अध्यक्ष हैं. अगले पांच दिनों में पुलिस ओली और रमेश लेखक से गहन पूछताछ करेगी. जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश करेंगी कि आंदोलन के दौरान लिए गए फैसलों में उनकी क्या भूमिका थी और क्या किसी तरह का आपराधिक मामला बनता है.

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