इजरायल और सीरिया के बीच लंबे समय से ठप पड़ा कूटनीतिक संवाद दोबारा बहाल हो गया है. इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने बताया है कि यह बातचीत अमेरिका के समर्थन और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मिडिल ईस्ट में शांति के विजन के तहत हुई है.
इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंगलवार शाम एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि कई महीनों के अंतराल के बाद इजरायल और सीरिया के बीच कूटनीतिक संवाद फिर से शुरू हो गया है. यह बातचीत अमेरिका के समर्थन की वजह से हुई है.
PMO के मुताबिक यह संवाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मिडिल ईस्ट में शांति को बढ़ावा देने के विजन का हिस्सा है. बातचीत के दौरान इजरायल ने अपने नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और अपनी सीमाओं के आसपास किसी भी तरह के खतरे को रोकने की जरूरत पर जोर दिया.
इजरायल ने क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को भी दोहराया. इसके साथ ही दोनों देशों के हित में आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी सहमति जताई गई.
PMO के बयान में कहा गया है कि बातचीत के दौरान इस बात पर सहमति बनी है कि यह कूटनीतिक संवाद आगे भी जारी रहेगा, ताकि साझा लक्ष्यों को आगे बढ़ाया जा सके और सीरिया में रहने वाले ड्रूज अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
यह पहल ऐसे समय में सामने आई है, जब मध्य पूर्व में सुरक्षा हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं. ऐसे में इजरायल और सीरिया के बीच संवाद की बहाली को क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है.
वहीं, टाइम्स ऑफ इजरायल की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल और सीरिया ने मंगलवार को पेरिस में बातचीत के दूसरे दिन इस बात पर सहमति जताई कि दोनों देशों के बीच तनाव कम करने, कूटनीति को आगे बढ़ाने और कारोबारी अवसरों को आसान बनाने के लिए एक विशेष तंत्र बनाया जाएगा. यह जानकारी दोनों देशों और अमेरिका की ओर से जारी संयुक्त बयान में दी गई, जिसे वॉशिंगटन ने जारी किया.
सोमवार को शुरू हुई यह बातचीत करीब दो महीनों में पहली बार हुई थी. इसके नतीजे के तौर पर एक जॉइंट फ्यूजन मैकेनिज्म यानी संयुक्त समन्वय तंत्र बनाने पर सहमति बनी. बयान के मुताबिक यह एक डेडिकेटेड कम्युनिकेशन सेल होगा, जिसका मकसद अमेरिका की निगरानी में खुफिया जानकारी साझा करने, सैन्य तनाव कम करने, कूटनीतिक संपर्क और कारोबारी अवसरों को लेकर त्वरित और लगातार समन्वय स्थापित करना है.
इस तंत्र का इस्तेमाल आपसी विवादों को तेजी से सुलझाने के लिए भी किया जाएगा.
पेरिस में हुई यह बातचीत दोनों दुश्मन देशों के बीच तीसरा दौर था. फ्रांस खुद इस बातचीत में शामिल नहीं था. इससे पहले एक वरिष्ठ इजरायली अधिकारी ने द टाइम्स ऑफ इजरायल से कहा था कि पेरिस में हुई बातचीत अच्छी और अहम रही. वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि एक वर्किंग ग्रुप नियमित और लगातार आधार पर बैठक करेगा.
एक इजरायली अधिकारी ने एक्सियोस न्यूज़ साइट को बताया कि दोनों देश विश्वास बहाली के कदम भी उठाने जा रहे हैं. अधिकारी ने कहा, दोनों देशों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मिडिल ईस्ट विजन के तहत एक सुरक्षा समझौते तक पहुंचने की इच्छा जताई है.
सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की सरकार के करीबी एक सीरियाई सूत्र के हवाले से चैनल 12 न्यूज़ ने बताया कि अमेरिकी दबाव ने इजरायल के साथ सुरक्षा समझौते की दिशा में संभावित प्रगति के लिए अनुकूल माहौल तैयार किया है.