
इजरायल की सुरक्षा और खुफिया तंत्र को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. ईरान से जुड़े एक हैकर ग्रुप ने दावा किया है कि उसने इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के पूर्व चीफ ऑफ स्टाफ हेरजी हलेवी के फोन को हैक कर लिया है और उससे बड़ी मात्रा में सीक्रेट डेटा हासिल किया है.
हैकर ग्रुप ‘हंदाला’ ने गुरुवार को अपनी वेबसाइट पर दावा किया कि वह कई सालों से हलेवी के सिस्टम में चुपचाप और अदृश्य तरीके से मौजूद था. इस दौरान उसने 19,000 से ज्यादा संवेदनशील फोटोज और वीडियो इकट्ठा किए, जो अब धीरे-धीरे सार्वजनिक किए जा रहे हैं.
ग्रुप के मुताबिक, इन लीक फाइलों में इजरायल की टॉप-सीक्रेट सैन्य सुविधाओं, कमांड सेंटर, संकट प्रबंधन कक्षों और रणनीतिक नक्शों से जुड़ी जानकारी शामिल है. उसका दावा है कि इजरायली सैन्य ढांचे की हर छोटी-बड़ी जानकारी उसके लिए खुली किताब की तरह थी.
हैकर ग्रुप ने महाज उड़ाते हुए लिखा, 'आपकी सभी अति-गोपनीय सुविधाएं और कमांड सेंटर हमारे लिए एक खुली किताब की तरह रहे हैं.'

हंदाला द्वारा जारी की गई फोटोज और वीडियो में हेरजी हलेवी को सैन्य ठिकानों का दौरा करते, पायलट्स के साथ मीटिंग करते, ब्रीफिंग लेते और ऑफिस में काम करते हुए देखा जा सकता है. कुछ प्राइवेट तस्वीरें भी सामने आई हैं, जिनमें उनके पारिवारिक जीवन की झलक मिलती है. यहां तक कि हलेवी और उनकी पत्नी के ID कार्ड भी लीक होने का दावा किया गया है.
इन लीक सामग्रियों में कुछ ऐसे टूर और मीटिंग्स भी सामने आई हैं, जिन्हें पहले कभी सार्वजनिक नहीं किया गया था. एक अहम वीडियो और फोटो में हलेवी को जॉर्डन में वहां के सेना प्रमुख यूसुफ हुनैती से मुलाकात करते हुए दिखाया गया है. इस दौरान हलेवी ने 1967 के सिक्स डे वॉर में मारे गए एक जॉर्डनियन सैनिक की खंजर उन्हें भेंट की.

रिपोर्ट के अनुसार, यह दौरा बेहद गोपनीय था और हलेवी बिना सैन्य वर्दी के सिविल ड्रेस में जॉर्डन पहुंचे थे. इसके अलावा कुछ तस्वीरों में उन्हें कतर में अमेरिकी सेंट्रल कमांड के पूर्व प्रमुख माइकल कुरिल्ला के साथ भी देखा गया है. हालांकि, इस पूरे मामले पर अभी तक न तो इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) और न ही खुद हलेवी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है.

बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब हंदाला ग्रुप ने इजरायली नेताओं को निशाना बनाया है. इससे पहले भी यह ग्रुप इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट, पूर्व न्याय मंत्री अयलेट शाकेद और प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के चीफ ऑफ स्टाफ के डिवाइस हैक करने का दावा कर चुका है.
फिलहाल, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन अगर यह सच साबित होता है तो यह इजरायल की साइबर सुरक्षा के लिए एक बड़ा झटका माना जाएगा और इससे क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है.