Israel Elections 2026 Live इजरायल में चुनाव को लेकर सियासी चर्चा तेज है. आज इजरायल में वोटिंग हो रही है और आज ही नतीजे आएंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इजरायल में वोटिंग के लिए लगभग 67 हजार से ज्यादा इजरायली दूसरे देशों से आए हैं. 7 अक्टूबर, 2023 को हुए हमास हमले और उसके बाद गाजा, लेबनान और ईरान में चली जंग के बाद यह पहला राष्ट्रीय चुनाव है.
इस चुनाव पर सभी की नजरें टिकी हैं. इस चुनाव में मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक किस्मत दांव पर लगी है. इस बार चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू के सामने कई बड़े चेहरे मैदान में हैं. उनके सामने पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट जैसे प्रमुख विपक्षी नेता मजबूती से खड़े हैं. हालांकि, प्रधानमंत्री बनने के लिए बेंजामिन नेतन्याहू और इज़राइल डिफेंस फोर्सेज़ के पूर्व हेड गादी आइज़ेनकोट के बीच कड़ी टक्कर है.
इजरायल में सरकार बनाने के लिए 61 सीटों का बहुमत जरूरी है. चुनावी माहौल में गाजा, हमास पर एक्शन, देश की सुरक्षा, सैन्य सेवा और न्यायिक सुधार सबसे प्रमुख चुनावी मुद्दे बने हुए हैं. इजरायली चुनाव प्रक्रिया के मुताबिक, इजरायल में आखिरी वोट डाले जाने के तुरंत बाद ही मतगणना शुरू हो जाएगी.
इजरायल चुनाव से जुड़ी पल-पल की अपडेट यहां पढ़ें...
इजरायल की संसद, जिसे 'नेसेट' कहा जाता है, वहां 120 सीटें हैं. किसी भी पार्टी को सीटें जीतने के लिए कुल राष्ट्रीय मतों का कम से कम 3.25% हिस्सा हासिल करना जरूरी है. सरकार बनाने के लिए 61 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होती है. आज तक किसी भी पार्टी को अकेले बहुमत नहीं मिला है, इसलिए इजरायल में हमेशा गठबंधन सरकारें ही बनती हैं.
इजरायल की संसद, जिसे 'नेसेट' कहा जाता है, वहां 120 सीटें हैं. किसी भी पार्टी को सीटें जीतने के लिए कुल राष्ट्रीय मतों का कम से कम 3.25% हिस्सा हासिल करना जरूरी है. सरकार बनाने के लिए 61 सदस्यों के समर्थन की जरूरत होती है. आज तक किसी भी पार्टी को अकेले बहुमत नहीं मिला है, इसलिए इजरायल में हमेशा गठबंधन सरकारें ही बनती हैं.
इजरायल और भारत की चुनाव प्रणाली में काफी अंतर है. वहां, पूरा देश एक ही निर्वाचन क्षेत्र माना जाता है. मतदाता किसी स्थानीय उम्मीदवार को नहीं बल्कि एक पार्टी का चुनाव करते हैं. एक कार्डबोर्ड स्क्रीन के पीछे, मतदाता पार्टी के हिब्रू अक्षरों वाली एक पर्ची चुनते हैं, उसे लिफाफे में बंद करते हैं और बैलट बॉक्स में डाल देते हैं. यहां EVM का इस्तेमाल नहीं होता है.
इजरायल में आम चुनाव के लिए मतदान हो रहा है. बड़ी संख्या में लोग वोट देने के लिए पहुंच रहे हैं. इस चुनाव में करीब 73 लाख लोग मतदान करने के पात्र हैं. मतदान करने आए एक मतदाता ने कहा कि इजरायल को बदलाव की जरूरत है. उन्होंने साफ कहा कि देश बहुत ही नाजुक दौर से गुजर रहा है. ढाई लाख इजरायली देश छोड़कर चले गए.
उन्होंने कहा, 'इन 20 सालों में हमने लोकतंत्र खो दिया. एक-दूसरे के लिए सम्मान खो दिया और एकता भी खो दी. हमें बदलाव चाहिए.'
इजरायल में आम चुनाव के लिए मतदान शुरू हो गया है. इजरायल में लगभग 73 लाख वोटर हैं. ये वोटर्स अब इजरायल की सत्ता का फैसला करेंगे. इस चुनाव में मौजूदा प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की राजनीतिक किस्मत दांव पर है. चुनाव में उनके सामने पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट और पूर्व IDF प्रमुख गादी आइज़ेनकोट जैसे कद्दावर नेता चुनावी मैदान में हैं.
इजरायल में चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बेंजामिन नेतन्याहू का समर्थन किया है. उनका कहना है कि नेतन्याहू में बहुत ही कठिन परिस्थितियिों में अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई. ट्रंप ने कहा, 'उन्होंने बहुत कठिन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री के तौर पर बहुत अच्छा काम किया है.'
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