अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया लीडर चुना गया है. लेकिन डोनाल्ड ट्रंप इस फैसले से खफा हैं और इसे लेकर उन्होंने कड़ी प्रतिक्रिया दी है.
ट्रंप ने NBC News को दिए इंटरव्यू में कहा कि मुझे लगता है कि उन्होंने मोजबता को सुप्रीम लीडर चुनकर बहुत बड़ी गलती कर दी. ईरान की शक्तिशाली धार्मिक संस्था Assembly of Experts और सुरक्षा प्रतिष्ठान ने खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना. वह करीब 56 साल के हैं और अब 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान के तीसरे सर्वोच्च नेता बने हैं.
ट्रंप इस फैसले से इसलिए नाराज हैं क्योंकि उनका मानना है कि मोजतबा खामेनेई अपने पिता की ही कठोर नीतियों को आगे बढ़ाएंगे. ट्रंप ने पहले भी उन्हें अस्वीकार्य बताते हुए कहा था कि अगर ईरान ऐसा नेता चुनता है जो पुराने टकराव वाले रास्ते पर चलेगा तो अमेरिका को पांच साल में फिर से युद्ध का सामना करना पड़ सकता है.
ट्रंप ने यहां तक कहा था कि ईरान के अगले नेता के चयन में अमेरिका की भी भूमिका होनी चाहिए, क्योंकि वे ऐसा नेतृत्व चाहते हैं जो ईरान में शांति और स्थिरता लाए. हालांकि तेहरान ने इस विचार को सख्ती से खारिज करते हुए कहा कि ईरान के आंतरिक मामलों में किसी विदेशी देश को दखल देने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
इस बीच मोजतबा खामेनेई की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं और अमेरिका-इज़रायल तथा ईरान के बीच तनाव चरम पर है. नए नेता के आने के बाद भी संघर्ष थमता नहीं दिख रहा बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह आशंका बढ़ गई है कि टकराव और लंबा खिंच सकता है.