अमेरिका और ईरान के बीच बीते एक महीने के ज्यादा समय से जंग चल रही है. अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप काफी समय से कह रहे हैं कि ईरान की मौजूदा सरकार को हटाना है, इसे 'रिजीम चेंज' कहते हैं. लेकिन जंग के बीच कुछ ऐसा हुआ जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा. अमेरिका के अपने घर में ही बड़े बड़े अफसर की कुर्सी चली गई है. और ईरान ने इसी को पकड़ लिया और पूरी दुनिया के सामने ट्रंप का मजाक उड़ा दिया.
गुरुवार को अमेरिकी थल सेना के सबसे बड़े अफसर जनरल रैंडी जॉर्ज को अचानक हटा दिया गया. उनका कार्यकाल अभी एक साल से ज्यादा बाकी था. रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने उन्हें फौरन रिटायर करा दिया. हटाने की कोई वजह नहीं बताई गई.
यह कोई पहली बार नहीं था. इससे पहले वायुसेना प्रमुख जनरल सीक्यू ब्राउन को हटाया जा चुका था. नौसेना प्रमुख और वायुसेना के उप प्रमुख भी जा चुके हैं. यानी अमेरिका की तीनों बड़ी सेनाओं के शीर्ष अफसर बदले जा रहे हैं.
कई जानकार कह रहे हैं कि जनरल जॉर्ज इसलिए हटाए गए क्योंकि वो ईरान में जमीनी लड़ाई के खिलाफ थे. लेकिन उन्होंने खुद कभी कुछ नहीं कहा.
इसी बीच एक और बड़ी खबर आई. अमेरिका की सबसे बड़ी कानूनी अधिकारी यानी अटॉर्नी जनरल पैम बोंडी को भी हटा दिया गया. उन पर एक बड़े मामले के कागजात सही तरीके से न संभालने का आरोप था.
ईरान ने क्या किया?
जैसे ही यह खबरें बाहर आईं, ईरान ने मौका नहीं छोड़ा. साउथ अफ्रीका में ईरानी दूतावास ने एक तस्वीर पोस्ट की जिसमें अमेरिकी सैन्य नेताओं की बैठक दिख रही थी. कुछ चेहरों पर निशान लगाए गए.
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नीचे लिखा था कि 'रिजीम चेंज सफलतापूर्वक हो गया.' साथ में ट्रंप का नारा MAGA लिखा था और एक हंसने वाला इमोजी. यानी ईरान का सीधा तंज था कि ट्रंप दूसरों की सरकार बदलने की बात करते हैं, लेकिन असली उलटफेर तो उनके अपने घर यानि वॉशिंगटन में हो रहा है.
जमीन पर क्या हो रहा है?
अमेरिका की सबसे तेज और खास फौज 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिक मिडिल ईस्ट पहुंच रहे हैं. माना जा रहा है कि ईरान में जमीनी घुसपैठ हो सकती है. नौसेना और वायुसेना पहले से ही हमले कर रही हैं.
असली बात क्या है?
एक तरफ ट्रंप ईरान को बदलने की बात कर रहे हैं, दूसरी तरफ अपनी ही सेना के सबसे बड़े अफसर हटाते जा रहे हैं. अमेरिका के अंदर सवाल उठ रहे हैं. और ईरान इसी कमज़ोरी को दुनिया के सामने पेश कर रहा है.