ईरान ने कहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों के गुजरने के लिए ट्रांजिट फीस उसकी मुद्रा रियाल में चुकानी होगी. इसके लिए ईरानी संसद में एक प्रस्ताव लाया गया है. प्रस्ताव होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान के नियंत्रण को और अधिक मजबूत करने की बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
ईरान की संसद की नेशनल सिक्योरिटी कमिशन के प्रमुख ने कहा कि संसद में पेश एक प्रस्ताव के तहत इस स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को शुल्क ईरानी मुद्रा में देना होगा. मुंबई स्थित ईरान के वाणिज्य दूतावास के एक सोशल मीडिया पोस्ट के हवाले से यह जानकारी दी गई है.
पोस्ट में ईरानी दूतावास ने आगे लिखा, 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा और सतत विकास के लिए तैयार रणनीतिक एक्शन प्लान में सरकार जरूरत पड़ने पर ओमान के साथ समझौता कर सकती है. हालांकि, यह प्रावधान योजना का मुख्य हिस्सा नहीं बल्कि सेकेंडरी प्रावधान है.'
होर्मुज पर कंट्रोल स्थापित करने के लिए ईरान का प्लान
होर्मुज पर कंट्रोल बढ़ाने के लिए ईरानी संसद में नौ प्वॉइंट्स का प्रस्ताव रखा गया है. इसका एक प्वॉइंट ये है कि ईरान होर्मुज से जहाजों के गुजरने के लिए सुरक्षित रास्ता देगा लेकिन इसके लिए जहाजों को ट्रांजिट फीस चुकानी होगी. जहाज मालिकों को बताना होगा कि उनके जहाज में क्या लदा है. पेमेंट के लिए ईरान की बैंक में ही अकाउंट रखना होगा.
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी समयानुसार शुक्रवार तड़के ईरान को कड़ी चेतावनी दी. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने ईरान को सीधा संदेश दिया.
उन्होंने लिखा, 'रिपोर्ट्स हैं कि ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले टैंकरों से फीस वसूल रहा है, ऐसा नहीं होना चाहिए और अगर हो रहा है तो तुरंत बंद किया जाए!'
कुछ ही मिनटों बाद उन्होंने एक और पोस्ट कर ईरान पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सीजफायर की शर्तों के तहत होर्मुज खोलने पर बात हुई थी लेकिन ईरान इसमें रुकावट डाल रहा है.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने लिखा, 'ईरान तेल को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने देने में बहुत खराब काम कर रहा है, कुछ लोग इसे शर्मनाक भी कह सकते हैं. यह हमारे बीच हुआ समझौता नहीं है!'